रैलियों, प्रदर्शनों और जनता कर्फ्यू के आह्वान के बीच संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ आज रिलीज हो गई। फिल्म समीक्षक भले ही इस ​फिल्म को विवादित नहीं बता रहे हैं, लेकिन करणी सेना बैन की मांग पर अड़ी हुई है। नतीजतन देश के कई राज्यों में करणी सेना का हिंसक प्रदर्शन जारी है। वहीं राजस्थान इन प्रदर्शनों से सबसे अधिक प्रभावित है। प्रदर्शनकारियों ने यहां के करीब आधा दर्जन जिलों में बंद का आह्वान किया है। जबकि 20 से अधिक जिलों में प्रदर्शनों के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं करणी सेना की ओर से जयपुर में फिल्म के विरोध में रैली का आयोजन किया गया।

हरियाणा, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के अतिरिक्त राजस्थान पद्मावत का सबसे अधिक विरोध झेल रहा है। आज राजस्थान का जैसलमेर, बांसवाड़ा, नागौर, उदयपुर, कोटा सहित कई जिलों में बंद का माहौल है। जबकि अन्य शहरों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई। साथ ही करणी सेना के कार्यकर्ता जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे है। इसके अतिरिक्त चित्तौड़गढ़ किला और जैसलमेर किले में भी पर्यटकों की आवाजाही बंद है।
राजस्थान में करणी सेना के उग्र आंदोलन को देखते हुए सभी नेशनल हाईवे पर भर सुरक्षा बढ़ा गई है। बीते दो दिनों में राजस्थान रोडवेज की बसों में काफी तोड़फोड़ की गई है। जिसके बाद आज चित्तौड़गढ़, उदयपुर सहित कई जिलों में सरकारी बस सेवा के संचालन को बंद रखा गया है। हालां​कि आज ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है।
चित्तौड़ दुर्ग में क्ष​त्राणियों के जौहर की चेतावनी के बाद शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। चित्तौड़ दुर्ग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। गौरतलब है कि बुधवार को कुछ क्ष​त्राणियों ने दुर्ग के जौहर स्थल की ओर जाने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। ​आज हो रहे विरोध प्रदर्शनों में राजपूत समाज की महिलाएं भी बड़ी संख्या में सम्मलित है।
करणी सेना की ओर से देश भर में उग्र प्रदर्शन किए जा रहे है। वही राजस्थान में करणी सेना के नेताओं पर पुलिस नजर रख रही है। आज जयपुर के भवानी निकेतन से करणी सेना के नेताओं की अगुवाई में रैली भी निकाली गई। इस मौके पर करणी सेना के नेता महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
फिल्म समीक्षक भले ही संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ को बेहतर बता रहे हों, लेकिन डर का माहौल अब भी कामय है। आशंकाओं के चलते चार राज्यों में सिनेमाघर मालिकों और मल्टीप्लैक्स संचालकों ने फिल्म नहीं लगाई है। ट्रेड पंडितों के अनुसार फिल्म निर्माताओं का भारी नुकसान होना तय है। उनका तर्क है कि प्रमुख रूप से जिन चार बड़े राज्यों में फिल्म को लेकर सबसे अधिक बवाल है, वहां ​यह फिल्म ​प्रदर्शित होने की सूरत में करोड़ों की कमाई कर सकती है। वे आशंकाओं के चलते फिल्म को नहीं लगाना चाहते। हालांकि सरकारों की ओर से सुरक्षा के आश्वासन ​दिए गए हैं। लेकिन आज इन राज्यों में ‘पद्मावत’ रिलीज नहीं हुई है।
राजस्थान सहित गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर में ​पद्मावत को लेकर सबसे अधिक बवाल मचा हुआ है। फिल्म आज रिलीज हो गई है, लेकिन यहां नहीं लगाई गई है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि फिल्म हिन्दी बैल्ट में सबसे अधिक राशि यहीं से कमाती, जिसका सीधा-सीधा नुकसान हो गया। इधर, करणी सेना सहित कई राजपूत संगठनों ने फिल्म रिलीज होने से पूर्व ही मल्टीप्लैक्सों व मॉल में तोड़फोड़ प्रारंभ कर दी थी। आज भी रैलियों, प्रदर्शनों जैसे हालात चल रहे हैं। कई जिलों में बंद की घोषणा है और जहां नहीं है, वहां बंद के हालात हैं। ट्रेड पंडितों और डिस्ट्रीब्यूटरों के अनुसार चार राज्यों में फिल्म लगाने का माहौल ही नहीं बन पाया। दर्शक भी डरे हुए हैं। एेसे में निर्माताओं को 100 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। गौरतलब है कि भंसाली प्रोडेक्शन और वॉयकॉम 18 की फिल्म पद्मावत का बजट करीब 190 करोड़ है।
राजस्थान सरकार की ओर से सिनेमाघर मालिकों को फिल्म लगाने पर पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात व हरियाणा में सिनेमाघर संचालक ‘पद्मावत’ लगाने को लेकर तैयार नहीं थे और न अब तैयार होंगे। डिस्ट्रीब्यूटर और सिनेमाघर मालिकों के इस रवैये से निर्माताओं की परेशानी बढ़ी हुई है।
पद्मावत के बैन की मांग कर रही करणी सेना और राजपूत संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला आज भी जारी है। राजस्थान के सभी जिलों में करणी सेना की ओर से रैली, व चक्काजाम कर प्रदर्शन किए जा रहे है। बसों मे तोड़फोड़ के कारण उदयपुर संभाग में बसों का संचालन बंद है। फिल्म के विरोध में सवाई माधोपुर को मंगलवार को बंद किया गया था और आज करीब आधा दर्जन जिलों में बंद का आह्वान है।

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