देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बाबा केदार के प्रति अगाध श्रद्धा किसी से छिपी नहीं है। केदारपुरी का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। माना जा रहा कि प्रधानमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ के कपाट खुलने से पहले आकार ले लेगा। नए कलेवर में निखर रही भव्य केदारपुरी को नमो के हाथों ही जनता को समर्पित करने की तैयारी है। जिस तरह कपाट खुलने के मौके पर भव्य कार्यक्रम करने की तैयारी सरकार कर रही है उससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि प्रधानमंत्री एक बार फिर इस मौके पर केदारनाथ धाम में मौजूद रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारपुरी के पुनर्निर्माण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है। यहां हो रहे हर कार्य पर प्रधानमंत्री कार्यालय सीधे नजर रखे हुए है। प्रधानमंत्री की बाबा केदार के प्रति अगाध श्रद्धा का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते वर्ष मई में कपाट खुलने पर प्रधानमंत्री ने वहां कई योजनाओं का शिलान्यास किया था। इनमें घाट निर्माण से लेकर शंकराचार्य की समाधि स्थल का निर्माण कार्य शामिल था। बीते वर्ष अक्टूबर में कपाट बंद होने के समय प्रधानमंत्री फिर केदारनाथ धाम पहुंचे थे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने तब यह भी कहा था कि वे अगले वर्ष कपाट खुलने के समय फिर केदारनाथ आएंगे।

अब केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान हो चुका है। इस वर्ष 29 अप्रैल को बाबा के कपाट खुल रहे हैं। वहां जिस तेजी से इस समय कार्य चल रहा है, उससे माना यह जा रहा कि मई तक केदारपुरी नए स्वरूप में आ जाएगी। इससे केदारनाथ धाम के पांच सौ मीटर पहले से ही मंदिर के दर्शन हो सकेंगे। इतना ही नहीं सरस्वती एवं मंदाकिनी नदी के संगम के निकट से ही मंदिर तक 24 घंटे भजन गूंजेंगे। इसकी तकरीबन सारी तैयारियां हो चुकी हैं। कपाट खुलने के आयोजन को भव्य बनाने के लिए रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। प्रदेश सरकार की मंशा इस पल को अविस्मरणीय बनाने की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलने पर एक अभिनव कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। धाम में केदारनाथ जी को अलग रूप में दिखाया जाएगा। केदारनाथ धाम के बाह्य स्वरूप को निखारा जा रहा है, ताकि जो एक बार केदारनाथ में दर्शन कर चुके हैं वे बार-बार यहां आएं।

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