झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ पदनाम के आधार पर नहीं हो सकती आपराधिक कार्रवाई

Aug 28, 2026 - 14:44
 0  8
झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ पदनाम के आधार पर नहीं हो सकती आपराधिक कार्रवाई

रांची
 हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत ने एक आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ केवल उसके पदनाम के आधार पर आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती। आपराधिक मामले में समन जारी करते समय संबंधित व्यक्ति के नाम का स्पष्ट उल्लेख जरूरी है।

अदालत ने कहा कि कानून की नजर में किसी पद को धारण करने वाला पदनाम अपने आप में कोई कानूनी व्यक्ति नहीं है। एकल पीठ ने इस टिप्पणी के साथ दो आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई और रांची के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत द्वारा जारी समन आदेश को निरस्त कर दिया।

मामला सितंबर 2013 की घटना से जुड़ा है। याचिका के अनुसार, मेसर्स हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड से वित्तपोषित 12 पहिया वाहन को दो मार्च 2015 को कोयला ले जाते समय रोककर जब्त कर लिया गया था। आरोप लगाया गया था कि कंपनी के कर्मचारियों ने वाहन के चालक से 50 हजार रुपये छीन लिए और वाहन अपने कब्जे में ले लिया।

शिकायत और गवाहों के दस्तावेज के आधार पर न्यायिक दंडाधिकारी ने प्रथम दृष्टया संज्ञान लिया था। इसके बाद पांच अगस्त 2023 को आरोपितों के खिलाफ समन जारी किया गया।

पद के आधार पर नाम दर्ज करना गंभीर त्रुटि
इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आपराधिक मामले में केवल पदनाम का उल्लेख करते हुए किसी व्यक्ति को समन जारी नहीं किया जा सकता। जिस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उसका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए।

अदालत ने माना कि मजिस्ट्रेट ने संबंधित व्यक्तियों की पहचान उनके पद के आधार पर करते हुए समन जारी किया, जो गंभीर कानूनी त्रुटि है। ऐसी प्रक्रिया को जारी रखने से कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होने की आशंका है।

हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा मामले में लिए गए संज्ञान और पांच अगस्त 2023 को जारी समन आदेश सहित आरोपितों के खिलाफ चल रही पूरी आपराधिक कार्रवाई को निरस्त कर दिया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0