अमित शाह रात 12 बजे पहुंचे भोपाल, स्टेट हैंगर पर CM और BJP प्रदेश अध्यक्ष ने की अगवानी

Oct 3, 2026 - 06:14
 0  7
अमित शाह रात 12 बजे पहुंचे भोपाल, स्टेट हैंगर पर CM और BJP प्रदेश अध्यक्ष ने की अगवानी

भोपाल 

.केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार रात 12 बजे भोपाल पहुंचे। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डीजीपी कैलाश मकवाना, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने उनका स्वागत किया।

दिल्ली में व्यस्तता के चलते शाह करीब ढाई घंटे की देरी से भोपाल के लिए रवाना हुए। इसके चलते मंत्रियों और विधायकों को स्टेट हैंगर से वापस घर भेज दिया गया था।

गोपालक सम्मेलन में 35 हजार लोग शामिल होंगे
भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होंगे। इसमें भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है।

सम्मेलन में अमित शाह को प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों और बलराम कृषि महोत्सव की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग अपने-अपने कार्यों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे।

पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद
कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं
दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है।

भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है।

किसान फोकस क्यों?
मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है।

यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0