आयुर्वेद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

Oct 30, 2026 - 12:44
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आयुर्वेद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

आयुर्वेद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

आयुर्वेद चिकित्सकों को किया सम्मानित
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के संरक्षण, संवर्धन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है जरूरी
अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

भोपाल 
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। आयुर्वेद ने सदियों से मानव जीवन को निरोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज पूरी दुनिया भारतीय आयुर्वेद की वैज्ञानिकता और उपयोगिता को स्वीकार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के संरक्षण, संवर्धन और विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा शुक्रवार को भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के रजत जयंती सभागृह में भाई उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित धन्वंतरि पूजन, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक सम्मान एवं वैद्य उद्धवदास मेहता अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी निबंध प्रतियोगिता-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भगवान धन्वंतरि का पूजन कर प्रदेशवासियों के स्वस्थ एवं निरोगी जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित चिकित्सकों को सम्मानित किया तथा प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य को सर्वोच्च धन माना गया है। आयुर्वेद हमें रोगों के उपचार के साथ संतुलित आहार, अनुशासित दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देता है। वर्तमान समय में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती चुनौतियों के बीच आयुर्वेद की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आयुर्वेद के वरिष्ठ चिकित्सकों का अनुभव और युवा विद्यार्थियों की शोध क्षमता मिलकर भारतीय चिकित्सा पद्धति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उन्होंने भाई उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयुर्वेद चिकित्सकों के सम्मान और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी प्राचीन चिकित्सा विरासत को सहेजने का कार्य करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

भाई उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा विगत 29 वर्षों से आयुर्वेद के प्रतिष्ठित चिकित्सकों को सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही पिछले 13 वर्षों से विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 21 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 11 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 7 हजार रुपये की पुरस्कार राशि के साथ शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

समारोह की अध्यक्षता आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अशोक वार्ष्णेय ने की। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम), नई दिल्ली की अध्यक्ष वैद्य मनीषा उपेन्द्र कोठेकर, विधायक भगवानदास सबनानी तथा पूर्व मंत्री एवं भाई उद्धवदास न्यास के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता उपस्थित रहे।

 

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