भारत से चीन को मिल सकती है बड़ी राहत, हट सकता है प्रतिबंध – चीनी कंपनियां अब सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में भी बोली लगा सकती हैं

Jan 9, 2026 - 06:44
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भारत से चीन को मिल सकती है बड़ी राहत, हट सकता है प्रतिबंध – चीनी कंपनियां अब सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में भी बोली लगा सकती हैं

 नई दिल्‍ली

रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया है कि वित्त मंत्रालय उन प्रतिबंधों को हटाने की योजना बना रहा है, जिनके कारण 2020 से चीनी कंपनियों को सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाने से रोका गया था.

यह प्रतिबंध भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए घातक सीमा झड़प के बाद लागू किए गए थे और चीन समेत पड़ोसी देशों की कंपनियों को बोली लगाने से पहले एक सरकारी समिति में पंजीकरण कराना और राजनीतिक सुरक्षा संबंधी मंजूरी लेना अनिवार्य था.  

इस प्रतिबंध लगने के बाद से ही चीनी कंपनियां करीब 700 अरब डॉलर से 750 अरब डॉलर के सरकारी टेंडर से बाहर हो गई थीं. अधिकारियों को कहना है कि मंत्रालय का लक्ष्य पड़ोसी देशों के बोलीदाताओं के लिए पंजीकरण की आवश्यकता को समाप्त करना है. 

PMO से आएगा आखिरी फैसला
रिपोर्ट का कहना है कि प्रतिबंध हटाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के पास है और इसकी मंजूरी का इंतजार है. रिपोर्ट का कहना है कि प्रतिबंध इसलिए हटाए जा रहे हैं, क्‍योंकि क्षेत्रीय कमी, परियोजनाओं में देरी हो रही है.  कई मंत्रालयों ने भी उपकरण जुटाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में चुनौतियों की सूचना दी है. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने प्रतिबंधों में ढील देने की सिफारिश की है. ये सिफारिशें कई मंत्रालयों के उन अनुरोधों के अनुसार है, जिनमें परियोजनाओं में देरी को रोकने के लिए छूट मांगी गई थी. 

2020 में लागू हुए थे प्रतिबंध
यह प्रतिबंध 2020 में लागू किए गए थे, जिसका तत्‍काल प्रभाव पड़ा था. उदाहरण के लिए, नियमों के लागू होने के तुरंत बाद चीनी सरकारी कंपनी सीआरआरसी को 216 मिलियन डॉलर के ट्रेन निर्माण कॉन्‍ट्रैक्‍ट के लिए बोली लगाने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. 

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में चीनी कंपनियों को दिए गए नए प्रोजेक्टों की वैल्‍यू 27 प्रतिशत घटकर 1.67 अरब डॉलर रह गया. पिछले एक साल में राजनयिक प्रयास किए गए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा, व्यापार वीजा की मंजूरी में आसानी और सीधी उड़ानों की बहाली जैसे कदम शामिल हैं. हालांकि, भारत सतर्क बना हुआ है और चीनी डायरेक्‍ट विदेशी निवेश पर अन्य प्रतिबंध बरकरार रखे हुए है.

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