अभिजीत दीपके के करीबी सौरभ दास का विवादित बयान, बोले- 'हम इंसानी बम की तरह, कहीं भी फट जाते हैं'

Oct 31, 2026 - 15:44
 0  8
अभिजीत दीपके के करीबी सौरभ दास का विवादित बयान, बोले- 'हम इंसानी बम की तरह, कहीं भी फट जाते हैं'

मुंबई 

 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने एक इंटरव्यू में बताया कि तिहाड़ जेल में हफ्तेभर तक रहने में उन्हें मजा आया, लेकिन अब बाहर आते ही उन्होंने अपना एक टारगेट भी सेट कर लिया है। दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को अपना नंबर वन टारगेट बताया है और कहा है कि उन्हें तो जाना ही पड़ेगा। यानी कि सीजेपी किसी भी हाल में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लिए बिना नहीं मानेगी। साथ ही, दास ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि हम लोग तो इंसानी बम की तरह हैं सरकार के लिए, कहीं भी फट जाते हैं। बता दें कि सौरभ दास की गिनती सीजेपी के शीर्ष तीन नेताओं में होती है और वह अभिजीत दीपके के करीबी भी हैं।

'रेड माइक' को दिए इंटरव्यू में सौरभ दास ने अपनी तिहाड़ यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तिहाड़ में मुझे अपना समय पसंद आया। एकात्म में मजा आया। जब पूछा गया कि क्या वहां बोर नहीं हो रहे थे, तो दास ने कहा कि हां, गैजेट की काफी जरूरत थी, क्योंकि हम लोग का आंदोलन ही ऑनलाइन है, लेकिन डिटॉक्स नहीं हो पा रहा था। एक टाइम पर दो फोन चलाता था। लेकिन जब तिहाड़ गया तो वहां बिल्कुल फोन मिस नहीं किया।

तिहाड़ में काफी हरियाली, बोले सौरभ दास
सौरभ दास ने आगे कहा, ''इतना विश्वास था कि हमें तिहाड़ में सात महीने या सात साल नहीं रहना पड़ेगा। अगर रहना पड़ता तो रह लेता, तो अब क्या कर सकते हैं।'' तिहाड़ में जाते समय मन में क्या आ रहा था तो कहा कि मैं सोच रहा था कि जब किताब लिखूंगा तो लिखूंगा कि ऐसा गेट था जेल का। सामने यह दिखा। लेकिन ओवरऑल जैसी इमेज थी कि बहुत खूंखार जगह है, वैसा नहीं है। उन्होंने अच्छे से बनाकर रखा है। काफी जगह है। काफी ओपन और हरियाली है।

'हम तो सरकार के लिए इंसानी बम की तरह'
वहीं, इंटरव्यू करने वालों ने सौरभ दास से कहा कि इनके खिलाफ तो क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का केस है कि कैसे जंतर-मंतर पर कूदे, हाथ में झंडा लेकर गए, क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। इस पर एक और इंटरव्यू करने वाले ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ये बता नहीं रहे, लेकिन इनके हाथ में तो झंडा था, पर पीछे आरडीएक्स लेकर गए थे। इस पर दास ने हंसते हुए जवाब दिया, ''हम तो उनके (सरकार) लिए ह्यूमन बॉम्ब (इंसानी बम) की तरह हैं, कहीं भी जाते हैं फट जाते हैं। पहले दिन से जब आंदोलन से हम लोग जुड़े तभी से मन में था कि सरकार जेल में तो डाल ही देगी। लेकिन यह नहीं सोचा था कि इतने दिन के लिए डाल देगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0