बिलासपुर से दिल्ली-प्रयागराज की उड़ान फिर रद्द, विमानों के मेंटेनेंस में जाने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Oct 4, 2026 - 13:14
 0  9
बिलासपुर से दिल्ली-प्रयागराज की उड़ान फिर रद्द, विमानों के मेंटेनेंस में जाने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

बिलासपुर.

बिलासा देवी केवट हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले यात्रियों को एक बार फिर बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एलाइंस एयर के विमानों के मेंटेनेंस में जाने के कारण रविवार को दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर और बिलासपुर-दिल्ली की सीधी उड़ान रद्द कर दी गई है.

इसके पहले भी उड़ान रद्द की जा चुकी है. अनियमित उड़ानों और अंतिम समय में फ्लाइट कैंसिल होने से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. एलाइंस एयर के अधिकांश विमान वर्तमान में मेंटेनेंस में खड़े हैं. समिति के अनुसार कंपनी के पास कुल 20 एटीआर विमान हैं, लेकिन मेंटेनेंस की समस्याओं के चलते उड़ानों का संचालन ठप्प हो रहा है. पिछले महीने ही बिलासपुर में टायर फटने की घटना समेत कुल तीन विमान मेंटेनेंस के लिए भेजे गए हैं. हवाई यात्रा का मुख्य उद्देश्य समय की बचत और निश्चित शेड्यूल होता है. लेकिन बार-बार उड़ानों के समय में बदलाव और अचानक रद्द होने के फैसलों से यात्रियों का भरोसा बिलासपुर एयरपोर्ट से लगातार घट रहा है.

बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार और नियमित उड़ानों की मांग को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना शनिवार को भी जारी रहा. इसमें अनिल गुलहरे, बद्री यादव, शिरीष कश्यप, ऋषि राज गौतम, विभूति भूषण गौतम, चित्रकांत श्रीवास, प्रकाश बहरानी, समीर अहमद बबला, देवेंद्र सिंह ठाकुर, संतोष पीपलवा, मजहर खान, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. प्रदीप राही, महेश दुबे, टाटा राशिद बख्श, केशव गोरख, अमर बजाज, रणजीत सिंह खनूजा, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल रहे. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने केवल एक एयरलाइन पर निर्भरता को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

समिति ने मांग की है कि राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर से हवाई सेवा संचालन के लिए दी जा रही सब्सिडी के लिए ओपन टेंडर आमंत्रित किया जाए. ओपन टेंडर से अन्य एयरलाइंस जिनके पास एटीआर विमान उपलब्ध हैं, वे प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगी और यात्रियों को बेहतर व विश्वसनीय सुविधा मिल सकेगी. समिति ने वित्त एवं विमानन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पारदर्शी ओपन टेंडर प्रक्रिया से बचने का औचित्य समझ से परे है. उन्होंने रायपुर और बिलासपुर के बीच पारंपरिक प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए अधिकारियों से निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की अपील की.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0