₹1,500 करोड़ की विदेशी सुपारी तस्करी का खुलासा, वाराणसी की दो फर्में ED की जांच के घेरे में

Oct 25, 2026 - 16:14
 0  9
₹1,500 करोड़ की विदेशी सुपारी तस्करी का खुलासा, वाराणसी की दो फर्में ED की जांच के घेरे में

लखनऊ
म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाई जा रही विदेशी सुपारी के 1500 करोड़ रुपये से अधिक के सिंडिकेट की जांच में उत्तर प्रदेश की कड़ी सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गुवाहाटी जोनल टीम की जांच में वाराणसी की दो फर्मों शुभ ट्रेडिंग कंपनी और चिमेरा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया है।

तीन जुलाई को ईडी ने असम, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में 20 परिसरों पर तलाशी ली थी। इस दौरान 1.30 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए, जबकि 33 बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। ईडी की जांच में तस्करी की सुपारी म्यांमार से भारत-म्यांमार सीमा के चंफाई-जोकावथर मार्ग से मिजोरम पहुंचती थी। वहां से असम के सिलचर के रास्ते पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में इसकी आपूर्ति की जाती थी।

जांच में मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैले नेटवर्क की कड़ियां भी सामने आने की बात कही गई है। इस पूरे कारोबार में माल की आवाजाही और भुगतान के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। ईडी को जांच में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के खरीदारों से मिलने वाला भुगतान असम के सिलचर में सक्रिय हवाला संचालकों तक पहुंचता था।

इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और ट्रांजिट खातों के जरिये रकम को घुमाकर मिजोरम पहुंचाया जाता था। वहां से हवाला के माध्यम से म्यांमार के सप्लायरों तक भुगतान पहुंचाने की व्यवस्था थी। इस तरह सुपारी की खेप के साथ उसके भुगतान की कड़ी भी कई स्तरों पर संचालित हो रही थी।

जांच में विदेशी सुपारी को भारतीय मूल का माल दिखाने के लिए फर्जी जीएसटी इनवाइस, खरीदार और सप्लायर के नाम पर संदिग्ध फर्मों तथा परिवहन दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। ईडी ने बैंक खातों, जीएसटी रिटर्न और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े आंकड़ों की पड़ताल के आधार पर इस सिंडिकेट में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय का उल्लेख किया है।

प्रदेश में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक का पान मसाला बाजार
प्रदेश पान मसाला के बड़े बाजारों में शामिल है। बाजार अनुसंधान संस्था आइएमएआरसी ग्रुप के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2025 में देश के पान मसाला बाजार का आकार करीब 48,456 करोड़ रुपये था। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 28.6 प्रतिशत आंकी गई है।

इस आधार पर प्रदेश के बाजार का अनुमानित आकार करीब 13,860 करोड़ रुपये बैठता है। हालांकि, यह उद्योग का अनुमान है, सरकारी आंकड़ा नहीं। इसे केवल गुटखा कारोबार का आकार मानना भी सही नहीं होगा, क्योंकि पान मसाला और तंबाकूयुक्त गुटखा अलग-अलग श्रेणियां हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0