श्रीकृष्ण से लेकर वोट बैंक तक... अखिलेश पर ओपी राजभर के ताबड़तोड़ सवाल
'क्या आप सच में यदुवंशी हैं?'... मौलाना जरजिस अंसारी के मुद्दे पर अखिलेश को ओपी राजभर ने घेरा
'वोट बैंक के लिए मौलानाओं के सामने नाक रगड़ सकते हैं'... अखिलेश पर ओपी राजभर का तीखा हमला
'भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों पर क्यों खामोश हैं?'... अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का बड़ा हमला
लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने मौलाना जरजिस अंसारी के बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख भगवान श्रीकृष्ण पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।
'क्या आप सच में यदुवंशी हैं?'
अपने पोस्ट की शुरुआत में राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'माननीय अखिलेश यादव जी, क्या आप सच में यदुवंशी हैं? मुझे तो शक होता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि अगर अखिलेश यादव सच्चे यदुवंशी होते तो मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर उनका 'खून जरूर खौलता' और वह सार्वजनिक रूप से इसका विरोध करते।
राजभर ने दावा किया कि मौलाना जरजिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव वोट बैंक की राजनीति के चलते पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
'वोट बैंक के लिए सब कुछ स्वीकार है'
अपने पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अखिलेश यादव हर मुद्दे पर समझौता कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती है कि भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी सपा प्रमुख के मन में कोई विरोध नहीं दिखता।
राजभर ने आगे लिखा कि अब प्रदेश और देश का यादव समाज भी देख रहा है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए अखिलेश यादव किस तरह की चुप्पी साधे हुए हैं।
धर्मपत्नी का भी किया जिक्र
पोस्ट में राजभर ने यह भी लिखा कि अखिलेश यादव अपनी धर्मपत्नी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणियों को निजी मामला मान सकते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसे आराध्य पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी नरम रुख अपनाना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख ऐसे मामलों में भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
महाराजा सुहेलदेव का दिया उदाहरण
पोस्ट के अंतिम हिस्से में राजभर ने महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख करते हुए लिखा कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए उनके संघर्ष से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने राष्ट्र और धर्म पर हमला करने वालों के खिलाफ लड़कर एक मिसाल कायम की थी।
राजभर ने आगे लिखा कि यदि कभी महाराजा सुहेलदेव के सम्मान पर भी कोई टिप्पणी हुई तो पूरा राजभर समाज उसका जवाब देना जानता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में समाज चुप बैठने वाला नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो भगवान कृष्ण को लेकर अमर्यादित बात कर रहे थे।
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