पाली से बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए 300 से अधिक कांवड़ियों का भव्य प्रस्थान
पाली से बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए 300 से अधिक कांवड़ियों का भव्य प्रस्थान
24वें वर्ष में पहुंची साईं कांवड़िया संघ की यात्रा, शिवमय हुआ पूरा नगर
बिरसिंहपुर पाली/ उमरिया
सावन माह में शिवभक्ति की अनुपम छटा उस समय देखने को मिली जब मां बिरासिनी की पावन नगरी पाली से बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए 300 से अधिक शिवभक्तों का विशाल कांवड़िया जत्था पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रवाना हुआ। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
यात्रा की शुरुआत साईं दरबार से हुई, जहां सभी कांवड़िए एकत्रित हुए। इसके बाद जत्था कुटिया मंदिर, बस स्टैंड मार्ग होते हुए नगर भ्रमण पर निकला। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों के बीच शिवभक्त नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। इस दौरान अघोरी नृत्य और शिव तांडव की आकर्षक प्रस्तुतियों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। भगवान शिव के स्वरूप में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जीवंत नृत्य और भस्म की अद्भुत झलकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर भ्रमण के बाद सभी श्रद्धालु मां बिरासिनी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने माता रानी के दर्शन कर अपनी यात्रा की सफलता एवं मंगलमय समापन की कामना की। मंदिर परिसर में भक्तों ने सामूहिक पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
साईं कांवड़िया संघ के अध्यक्ष संजीव खंडेलवाल ने बताया कि यह यात्रा अपने 24वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत मात्र चार श्रद्धालुओं से हुई थी, लेकिन शिवभक्ति और जनआस्था के चलते आज यह यात्रा एक विशाल स्वरूप धारण कर चुकी है। इस वर्ष 300 से अधिक श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन और जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं।
यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व संघ की ओर से सभी कांवड़ियों का सम्मान किया गया। अध्यक्ष संजीव खंडेलवाल ने श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर अंगवस्त्र भेंट किए तथा यात्रा के लिए भोजन पैकेट प्रदान कर शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।
इसके बाद सभी कांवड़िए रेलवे स्टेशन पहुंचे और नर्मदा एक्सप्रेस से कटनी के लिए रवाना हुए। वहां से श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करेंगे।
नगरवासियों ने भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया। "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के गगनभेदी नारों से पूरा पाली नगर देर तक गुंजायमान रहा। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर पाली की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की है।
मां बिरासिनी मंदिर में दर्शन करने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते 300 से अधिक कांवड़िए एवं उनका उत्साहवर्धन करते नगरवासी।
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