घर में कितना सोना रखना सुरक्षित? ITAT के फैसले से समझें इनकम टैक्स के नियम

Aug 31, 2026 - 16:14
 0  9
घर में कितना सोना रखना सुरक्षित? ITAT के फैसले से समझें इनकम टैक्स के नियम

नई दिल्ली 
क्या घर में रखा ज्यादा सोना इनकम टैक्स विभाग के लिए परेशानी बन सकता है? इस सवाल का जवाब एक हालिया मामले में सामने आया है। नागपुर इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने एक अहम फैसले में कहा है कि घर में मिली हर ज्वेलरी को सिर्फ इसलिए व्यक्ति की अनएक्सप्लेंड इनकम नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह उसके घर में मिली है। ज्वेलरी किसकी है, कहां से आई है और परिवार की परिस्थितियां क्या हैं इन बातों को भी देखना जरूरी है।

मामला नागपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट निर्मल कुमार अग्रवाल का है। 26 जुलाई 2016 को उनके घर पर इनकम टैक्स विभाग ने सर्च की थी। इस दौरान करीब 2.434 किलो सोने की ज्वेलरी मिली, जिसकी कीमत करीब 90.59 लाख रुपये थी। इसमें से 1.314 किलो ज्वेलरी जब्त कर ली गई। इसके अलावा 7.06 लाख रुपये कैश भी मिला, जिसमें से 5 लाख रुपये जब्त किए गए।

पहले 50 लाख रुपये का टैक्स जोड़ दिया गया
इनकम टैक्स अधिकारी ने ज्वेलरी को लेकर 50 लाख रुपये की रकम को अनएक्सप्लेंड मानते हुए टैक्स में जोड़ दिया। बाद में अपील पर बड़ी राहत मिली और सिर्फ 3.86 लाख रुपये की ज्वेलरी पर सवाल बचा। मामला ITAT तक पहुंचा तो ट्रिब्यूनल ने ज्वेलरी की मालिकाना हक और उसके सोर्स को ध्यान से देखा।

पत्नी को मिले गहने पति के नहीं माने जाएंगे
मामले में करीब 55.8 ग्राम ज्वेलरी पत्नी की बताई गई। परिवार की ओर से बताया गया कि ये गहने पत्नी को उसके माता-पिता ने दोनों बेटियों के जन्म के मौके पर उपहार में दिए थे। वैल्यूएशन रिपोर्ट में भी ये गहने पत्नी के नाम दर्ज थे।

ITAT ने इस दलील को स्वीकार किया और कहा कि परिवार के घर में मिली हर ज्वेलरी को घर के मालिक की ज्वेलरी नहीं माना जा सकता। अगर यह साबित हो कि गहने परिवार के किसी दूसरे सदस्य के हैं और उनके सोर्स की उचित वजह मौजूद है, तो उन्हें पति की अनएक्सप्लेंड इनकम नहीं माना जा सकता।

खुद के सिर्फ 48.9 ग्राम सोने पर सवाल
अग्रवाल के नाम कुल 121.5 ग्राम ज्वेलरी बताई गई। इनमें से 72.6 ग्राम सोना उन्होंने 2008 से 2011 के बीच बैंकिंग चैनल से खरीदा था और यह उनकी अकांउटिंग किताबों में दर्ज था। इस तरह सिर्फ 48.9 ग्राम ज्वेलरी ऐसी बची, जिसका सोर्स विवाद में था।

ITAT ने माना कि 48.9 ग्राम सोना उनकी उम्र, शादीशुदा जीवन, दो बेटियों और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए असामान्य मात्रा नहीं है। यह मात्रा सीबीडीटी इंस्ट्रक्शन नंबर 1916 में पुरुष परिवार सदस्य के लिए बताए गए 100 ग्राम के स्तर से भी कम थी। इसलिए इसे उचित रूप से समझाई जा सकने वाली ज्वेलरी माना गया।

क्या 100 ग्राम तक सोना रखने पर कोई सवाल नहीं होगा?
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति घर में 100 ग्राम सोना रखे और इनकम टैक्स विभाग कभी सवाल नहीं पूछ सकता। CBDT की 100 ग्राम वाली सीमा को ITAT ने एक बेंचमार्क के तौर पर देखा है। असल मामले में सोने की मात्रा के साथ-साथ उसकी खरीद, मालिकाना हक, परिवार की स्थिति और सोने के सोर्स को भी देखा जाएगा।

इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय बिल संभालकर रखना, बैंक से पेमेंट का रिकॉर्ड रखना और गिफ्ट या विरासत में मिले गहनों का उचित रिकॉर्ड रखना समझदारी है। फैसले में ITAT ने टैक्स की दर से जुड़ी भी राहत दी और कहा कि 2016 में हुई सर्च पर बाद में बढ़ाई गई 60% टैक्स दर लागू नहीं की जा सकती।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0