पाकिस्तान पर IMF का दबाव! ₹7 अरब डॉलर के लोन के लिए 174 बदलावों की शर्त

Sep 27, 2026 - 05:44
 0  8
पाकिस्तान पर IMF का दबाव! ₹7 अरब डॉलर के लोन के लिए 174 बदलावों की शर्त

नई दिल्‍ली

इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने पाकिस्‍तान को बड़ा झटका दिया है. आईएमएफ ने पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान के सामने कुछ ऐसी शर्त रख दी है, जिसे पूरा किए बिना उसे एक भी पैसे नहीं मिलेंगे. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ कठिन वार्ता के एक और दौर के लिए तैयार है। 

IMF का कहना है कि पाकिस्‍तानी सरकार को 7 अरब डॉलर का कर्ज अनलॉक करने के लिए संसद के सामने 174 विधायी संशोधनों को पेश करना होगा और उसे लागू कराने की कोशिश करनी होगी. प्रस्‍तावित कानूनी बदलावों में टैक्‍सेशन, एनर्जी सेक्‍टर, प्राइवेटाइजेशन और सॉवरेन वेल्‍थ फंड समेत अन्‍य सेक्‍टर शामिल हैं।  

इन चर्चाओं के दौरान IMF पाकिस्‍तान के सुधारों और उसकी ग्रोथ की भी जांच कर सकता है, जिसमें 15 संरचनात्‍मक मानदंड, साथ ही राजकोषीय बदलाव, फाइनेंस और अन्‍य उपाय शामिल हैं। 

पाकिस्‍तान ने 174 बदलावों पर क्‍या कहा? 
विधायी प्रक्रिया का पैमाना राष्ट्रीय सभा की एक समिति के सामने रखा गया है, जहां पाकिस्तान के वित्त सचिव इम्दादुल्लाह बोसल ने कहा कि IMF की शर्तों से जुड़े 174 संशोधनों को संसद के सामने रखना होगा. बोसल ने फाइनेंस और रेवेन्‍यू संबंधी राष्‍ट्रीय सभा की स्‍थायी समिति को बताया कि IMF कुल 174 संशोधनों को पास करवाना चाहता है। 

हालांकि, वित्त सचिव ने यह बात बरकरार रखी कि प्रस्तावित संशोधनों पर निर्णय लेने का विशेषाधिकार संसद के पास होगा. ये बदलाव पाकिस्तान के आर्थिक ढांचे के कई क्षेत्रों को कवर करते हैं, जिनमें टैक्‍सेशन, एनर्जी, प्राइवेटाइजेशन और सॉवरेन वेल्‍थ फंड शामिल हैं।  

15 नियम-कायदों की भी होगी जांच
ये विधायी बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब पाकिस्तान और आईएमएफ ने चौथी समीक्षा के तहत बातचीत कर रहे हैं. इस समीक्षा में 15 संरचनात्‍मक मापदंडों को शामिल किया जाएगा और अर्थव्‍यवस्‍था के खास सेक्‍टर में सुधारों की ग्रोथ का आकलन किया जाएगा। 

ऊर्जा क्षेत्र, सरकारी स्वामित्व वाले कारोबार (SOE) और प्राइवेट से संबंधित उपायों के साथ-साथ टैक्‍स सुधार भी जांच के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में शामिल होंगे. राजकोषीय सुदृढ़ीकरण, राज्‍य फाइनेंस और मितव्ययिता उपायों पर भी चर्चा होगी। 

बिजली वितरण कंपनियां और शुगर पॉलिसी
बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण का मुद्दा भी समीक्षा वार्ता में शामिल होने की उम्मीद है, क्योंकि इस्लामाबाद अपने ऊर्जा क्षेत्र और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों से संबंधित प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की कोशिश कर रहा है. इस मुद्दे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर लाभ कमाने वाली डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियों का निजीकरण कर दिया जाता है तो घाटे में चल रही डिस्‍ट्रीब्‍यूटर कंपनियों का क्या होगा। 

चीनी नीति में बदलाव भी आईएमएफ के मानदंडों में शामिल हैं. पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, संघीय सरकार ने उदारीकरण के लिए एक मसौदा नीति जारी की है, जिस पर तीन प्रांतों ने सहमति जताई है और एक ने आपत्ति जताई है. चर्चा के दायरे में आने वाले अन्य क्षेत्रों में इस्लामी बैंकिंग से संबंधित सुधार और टैक्‍सेशन सिस्‍टम में और बदलाव शामिल हैं। 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0