महाकाल मंदिर हुआ हाईटेक! अब सिर्फ 30 सेकंड में होगी सोना-चांदी की जांच

Jul 23, 2026 - 04:14
 0  8
महाकाल मंदिर हुआ हाईटेक! अब सिर्फ 30 सेकंड में होगी सोना-चांदी की जांच

उज्जैन 

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में हर साल लाखों श्रद्धालु सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण दान करते हैं। अब इस दान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए महाकाल मंदिर समिति नई तकनीक का सहारा ले रही है। मंदिर में अत्याधुनिक कैरेटोमीटर मशीन शुरू की गई है, जो महज 30 सेकंड में सोने-चांदी की शुद्धता और कैरेट की जानकारी दे रही है।

बाबा महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था ऐसी है कि देश-विदेश से आने वाले भक्त खुलकर सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण अर्पित करते हैं। इन्हीं दान की गई वस्तुओं के मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए महाकाल मंदिर समिति ने करीब 15 लाख रुपये की अत्याधुनिक कैरेटोमीटर मशीन खरीदी है।

महाकाल मंदिर समिति की सहायक प्रशासक सिम्मी यादव के मुताबिक, यह मशीन एक्स-रे तकनीक पर आधारित है, जो बिना आभूषण को नुकसान पहुंचाए उसकी शुद्धता और कैरेट की जांच करती है। श्रद्धालुओं के सामने ही कुछ ही सेकंड में जांच पूरी होगी और उसी के आधार पर रसीद भी जारी की जाएगी।

अब करीब 30 सेकंड में जांच पूरी हो सकेगी
मशीन इंजीनियर सुशील कुमार गौर ने बताया कि यह मशीन एक्स-रे फ्लोरोसेंस (XRF) तकनीक से काम करती है। धातु पर एक्स-रे पड़ने के बाद निकलने वाली ऊर्जा का विश्लेषण कर मशीन उसकी शुद्धता का डिजिटल मूल्यांकन करती है। देश के कई बड़े ज्वेलरी शोरूम और सराफा बाजारों में भी इसी तरह की मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। महाकाल मंदिर में भी अब करीब 30 सेकंड में जांच पूरी हो सकेगी।

आभूषणों की अंतिम जांच विशेषज्ञों द्वारा ही की जाएगी
वहीं, मंदिर की मूल्यांकन समिति के सदस्य एवं ज्वेलर्स रविंद्र सोनी का कहना है कि मंदिर में पहले से तीन सदस्यीय समिति रोस्टर के अनुसार आभूषणों का मूल्यांकन करती है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और पारदर्शी तरीके से दी जाती है। उनके अनुसार नई मशीन से शुरुआती जांच आसान होगी और जब ज्वेलर्स तत्काल उपलब्ध नहीं होंगे, तब भी यह पता लगाया जा सकेगा कि आभूषण असली है या नकली। हालांकि बड़े और जटिल आभूषणों की अंतिम जांच विशेषज्ञों द्वारा ही की जाएगी।

इस नई व्यवस्था की जानकारी मिलने के बाद श्रद्धालु भी उत्साहित नजर आए। वाराणसी से बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु शुभम पटेल ने कहा कि इस मशीन से दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही धोखाधड़ी की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी। 

कुछ ही पल में जानकारी आएगी सामने
बाबा महाकाल के दरबार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर समिति की यह नई पहल दान प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अब श्रद्धालुओं को अपने द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों की शुद्धता जानने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि कुछ ही सेकंड में पूरी जानकारी उनके सामने उपलब्ध होगी।
 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0