कूड़ा प्रबंधन में बड़ा बदलाव, बरेली में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्लांट शुरू होगा

Jun 12, 2026 - 11:14
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कूड़ा प्रबंधन में बड़ा बदलाव, बरेली में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्लांट शुरू होगा

लखनऊ
पूरे देश में स्वच्छता को अभियान बनाया गया है और लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकारें कूड़ा निस्तारण और साफ-सफाई का अभियान भी चला रही हैं। शहर-शहर को सफाई की रैंकिंग से जोड़ा गया है। इसके बाद भी मुहिम रंग नहीं लाने पर अब सख्ती होने जा रही है। बरेली शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत अब खुले में कूड़ा फेंकने, सार्वजनिक स्थानों पर मलबा डालने या गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग निस्तारण नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ अब बिजली और पानी का कनेक्शन तक काटा जाएगा।

सूखा-गीला कूड़ा एक साथ होने पर चालान
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत प्रत्येक घर और संस्थान को गीला, सूखा, सैनिटरी तथा विशेष श्रेणी के कचरे (ई-वेस्ट) को अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान कचरा मिश्रित मिलने पर चालान की कार्रवाई की जाएगी। वहीं होटल, अस्पताल, मॉल और बड़ी आवासीय सोसायटियों को अपने परिसर में ही कचरे का निस्तारण करना होगा। शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया आसान होगी और लैंडफिल पर भार कम पड़ेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से नियमों का पालन करने और स्वच्छता अभियान में सहयोग देने की अपील की है।

कूड़ा निस्तारण मशीनों का इंस्टॉलेशन शुरू
वहीं, शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सथरापुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नगर निगम ने प्लांट के संचालन के लिए तैयारियां और तेज कर दी हैं। मशीनों का इंस्टॉलेशन शुरू हो चुका है और तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्लांट के शुरू होते ही प्रतिदिन करीब 500 मीट्रिक टन कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा।

सीएम योगी दे सकते हैं सौगात
नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सौगात शहरवासियों को मिल सकती है। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी का कहना है कि प्लांट संचालन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इंदौर और गुजरात के शहरों में संचालित कचरा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। वहां की प्रोसेसिंग प्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया से जुड़ी रिपोर्टें भी मंगाई जा रही हैं, ताकि बरेली में आधुनिक और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके

स्वच्छ शहर की दिशा में बड़ा कदम
प्लांट संचालित होने पर शहर में कूड़े के ढेर और डंपिंग की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि प्लांट शुरू होने के बाद शहर में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ शहर की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

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