रीवा में 88 घंटे से भूखा बैठा था युवक, आधी रात कलेक्टर के आश्वासन पर टूटा गतिरोध

Aug 16, 2026 - 12:14
 0  8
रीवा में 88 घंटे से भूखा बैठा था युवक, आधी रात कलेक्टर के आश्वासन पर टूटा गतिरोध

रीवा.

जिले के गुढ़ अंतर्गत ग्राम बेला में अपनी जमीन से गुजर रही हाईटेंशन टावर लाइन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले करीब 88 घंटे से अनशन पर बैठे युवक देशराज मिश्रा ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।

देर रात रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने खुद धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित युवक से बातचीत की और उसकी समस्याओं को सुना। कलेक्टर द्वारा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद युवक ने अनशन तोड़ा। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया।

रात 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचे आला अधिकारी
युवक देशराज मिश्रा अपनी कृषि भूमि से हाईटेंशन तारों और टावर के गुजरने पर सही मुआवजा न मिलने के विरोध में पिछले कई दिनों से धरने पर डटे हुए थे। अनशन के लंबा खिंचने और मामले की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 11 बजे रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं धरना स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान उनके साथ गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह, तहसीलदार अरुण यादव और थाना प्रभारी पुष्पेंद्र यादव भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर युवक की पीड़ा को समझा और उससे सीधा संवाद किया।

समझाइश और ठोस आश्वासन के बाद खत्म हुआ गतिरोध
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अनशन पर बैठे देशराज की सभी मांगों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने युवक को आश्वस्त किया कि उसकी मुआवजे से जुड़ी सभी वाजिब और जायज मांगों का प्रशासनिक नियमों के तहत जल्द से जल्द निराकरण कराया जाएगा। जिले के मुखिया से मिले इस सकारात्मक और ठोस आश्वासन के बाद देशराज ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी, जिसके साथ ही पिछले तीन-चार दिनों से चल रहा गतिरोध भी खत्म हो गया।

पुलिस ने अस्पताल ले जाकर कराया मेडिकल परीक्षण
लगातार 80 घंटे से ज्यादा समय तक अनशन पर रहने के कारण युवक का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता था। इसलिए धरना समाप्त होते ही गुढ़ पुलिस देशराज मिश्रा को लेकर तुरंत निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा उनका प्राथमिक उपचार और विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी भी अस्पताल में मौजूद रहे और युवक की सेहत की निगरानी की।

सामने आई प्रशासन की संवेदनशीलता
इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा देखने को मिला। आधी रात को कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस बल का धरना स्थल पर पहुंचना और एक आम नागरिक की समस्या को सुनकर उसका समाधान निकालना चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों की इस त्वरित और सकारात्मक पहल के चलते ही यह अनशन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो सका।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0