सोमवती अमावस्या पर पिंडारा तीर्थ में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Jun 15, 2026 - 10:14
 0  8
सोमवती अमावस्या पर पिंडारा तीर्थ में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

जींद.

साल की पहली सोमवती अमावस्या पर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और डुबकी लगाकर पिंडदान किया। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग इस दिन को अत्यंत विशेष बना रहे हैं, है जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पेशल पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की। बाद में सोमवती अमावस के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडू पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है।

महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्याए विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व रहता है। अगर सरोवर या नदी में स्नान नहीं किया जा सकता है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकते हैं।

स्नान करने के पश्चात घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलि करें। सूर्य देव को अध्र्य दें। अगर उपवास रख सकते हैं तो अवश्य रखें। पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करें। अपने ईष्ट देव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0