चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट, एक दिन में ₹8,000 हुई सस्ती; सोना भी लुढ़का

Nov 3, 2026 - 13:44
 0  9
चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट, एक दिन में ₹8,000 हुई सस्ती; सोना भी लुढ़का

नई दिल्ली

धनतेरस और दिवाली से चंद दिन पहले सोने-चांदी की कीमतें लगातार घटती जा रही हैं, एक तरह से मंगलवार को फिर से सोने-चांदी के भाव बिखर गए हैं. ये गिरावट मंगलवार दोपहर को अचानक बढ़ गई। 

मंगलवार को MCX पर चांदी की कीमत गिरकर 1.75 लाख रुपये किलो तक पहुंच गई है, जबकि सोना प्रति 10 ग्राम 1.38 लाख रुपये से नीचे फिसल गया है. चांदी में करीब 5 फीसदी और सोने में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. त्योहारों से पहले खरीदारों के लिए ये एक बेहतरीन मौका भी हो सकता है. क्योंकि हमारे देश में लोग धनतेसर पर सोना-चांदी खरीदते हैं, और पिछले एक हफ्ते से लगातार कीमतें घटती जा रही हैं। 

बता दें, सोना अपने जनवरी के हाई से 53 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, इसी साल जनवरी में सोने का भाव बढ़कर 1.91 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था. चांदी की तो और भी बुरी स्थिति हो गई है, कहां जनवरी में एक किलो चांदी की कीमत MCX पर बढ़कर 4.21 लाख रुपये हो गई थी, वही चांदी आज करीब 2.43 लाख रुपये प्रति किलो गिरकर 1.78 लाख रुपये तक पहुंच गई है। 

क्यों हो रही है सोने-चांदी की 'पिटाई'?
ग्लोबल मार्केट (कॉमेक्स और LBMA) में पिछले कुछ हफ्तों से सोने और चांदी के भावों में तेज गिरावट दर्ज की गई है.  इसके पीछे वैश्विक बाजारों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले सोने से हटकर अन्य परिसंपत्तियों की तरफ बढ़ा है. सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बढ़ती यील्ड के माहौल में इसकी चमक कुछ फीकी पड़ी है। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी मार्केट में बहुमूल्य धातुओं पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके कारण घरेलू स्तर पर भी कीमतें फिसलकर नीचे आ गई हैं। 

महंगाई और केंद्रीय बैंकों की नीतियां 
अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने की आशंकाओं ने कमोडिटी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया है. वहीं चांदी के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक मांग खासकर सोलर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के सुस्त रहने के कारण कीमतों में भारी गिरावट आई है, वैश्विक मंदी की आहट और चीन से सुस्त मांग ने चांदी की रिकवरी को तगड़ा झटका दिया है। 

वैश्विक इक्विटी बाजारों में पिछले उतार-चढ़ाव के बाद बड़े निवेशकों और फंड हाउसों द्वारा लिक्विडिटी जुटाने के लिए सोने-चांदी में जमकर प्रॉफिट बुकिंग की गई, जिससे कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। 

संभलकर करें खरीदारी
अंतरराष्ट्रीय मंदी का असर भारत के सर्राफा बाजार पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. हालांकि धनतेरस और दिवाली के इस अवसर पर भारतीय बाजारों में पारंपरिक खरीदारी का उत्साह हमेशा की तरह बना रहता है, लेकिन ऊंचे दामों के बाद आई इस गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों को चौंका दिया है। 

जानकारों का मानना है कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले कीमतों में आया यह करेक्शन उन मध्यमवर्गीय परिवारों और निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है, जो लंबे समय से सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे थे. हालांकि, बाजार की अत्यधिक अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को बहुत सावधानी से खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है। 

क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के भारी दबाव और बिकवाली के बीच सोने और चांदी की चाल इस समय पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर की चाल पर टिकी हुई है. त्योहारी मांग इस गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश जरूर कर रही है, लेकिन निवेशकों की नजरें अब आगे आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं। 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0