लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

Oct 4, 2026 - 12:14
 0  9
लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

लखनऊ
यूपी के लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर चर्चा की गई।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। सीएम योगी ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें समाज को विभाजित करने वाला बताया। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। ये देखना होगा कि हम कैसा भारत चाहते हैं। क्या हमें बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में लड़ता हुआ भारत चाहिए? हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाना चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत चाहिए। हम सबको मिलकर ऐसे भारत के लिए काम करना है। गुलामी के समय में भी एक तबका था जो समाज को बांट रहा था। आज भी वो तत्व समाज को जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटकर देश की एकता को छिन्न-भिन्न कर रहा है। ये राष्ट्रमाता के प्रति अपराध है, भारत माता के प्रति अपराध है, अपने पूर्वजों के प्रति अपराध है। ये भारत की स्वाधीनता को फिर से खतरे में डालने की चेष्टा है। जब भी राष्ट्र के ऊपर ऐसा संकट दिखाई देता है तब हमारे शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि इन विभाजनकारी ताकतों को किसी भी तरह से सफल नहीं होने देना है।

सीएम योगी ने कहा कि आज हम तकनीकी अपना चुके हैं, पहले संसाधन कमी थी लेकिन, हमारी ताकत हमारा परिवार होता था। संयुक्त परिवार में संकट का सामना सब मिलकर करते थे लेकिन, आज परिवार सीमित हो गए हैं। एक छत के नीचे रह रहे हैं लेकिन, अलग-अलग दिशा हो जाती है। दुनिया के बहुत से देशों में तो बिखर रहे समाज और तबाह हो रहे परिवारों को बचाने के लिए उन्हें एक मंत्रालय का गठन करना पड़ रहा है।

कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0