पूर्व अकाली विधायक दर्शन सिंह वारिस पंजाब दे में शामिल, पंजाब की राजनीति में हलचल

Jun 28, 2026 - 12:14
 0  8
पूर्व अकाली विधायक दर्शन सिंह वारिस पंजाब दे में शामिल, पंजाब की राजनीति में हलचल

लुधियाना.

पंजाब की राजनीति में रविवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। शिरोमणि अकाली दल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब गिल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी छोड़कर वारिस पंजाब दे का दामन थाम लिया।

एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर संगठन के प्रमुख नेता और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह तथा वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली भी मौजूद रहे।पार्टी में शामिल होने के बाद दर्शन सिंह शिवालिक ने अपने फैसले के पीछे दो प्रमुख कारण बताए। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंथ की रक्षा और उससे जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाना भी उनके इस निर्णय का प्रमुख आधार है।

कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं
शिवालिक ने शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के चलते उन्होंने अकाली दल छोड़ने का फैसला लिया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने भी अकाली दल के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल निजी हितों और स्वार्थों से ऊपर उठकर निर्णय लें तो अकाली दल के अलग-अलग धड़ों को दोबारा एकजुट किया जा सकता है। अयाली ने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर मतभेदों का प्रमुख कारण नेतृत्व शैली और निर्णय लेने का तरीका रहा है।

चुनौतियों को सामना कर रही अकाली दल
अयाली के इस बयान को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अकाली दल पहले ही कई नेताओं के अलग होने और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में गिल क्षेत्र से लंबे समय तक सक्रिय रहे पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए एक और झटका माना जा रहा है। दर्शन सिंह शिवालिक का गिल विधानसभा क्षेत्र में अपना राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में उनके वारिस पंजाब दे में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आने वाले समय में इसका चुनावी और संगठनात्मक असर कितना होगा, यह राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

वारिस पंजाब दे कर रही संगठन विस्तार
वारिस पंजाब दे लगातार अपने संगठन के विस्तार में जुटी हुई है और विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के सामने संगठन को मजबूत बनाए रखने और कार्यकर्ताओं के विश्वास को कायम रखने की चुनौती बनी हुई है। दर्शन सिंह शिवालिक के इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीतिक हलचल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अन्य नेता भी इसी तरह दल बदलते हैं, तो इसका असर प्रदेश की सियासी तस्वीर पर पड़ सकता है। फिलहाल, शिवालिक के वारिस पंजाब दे में शामिल होने और मनप्रीत सिंह अयाली के बयान ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0