नवाचार, जनभागीदारी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा बनी पहचान

Aug 22, 2026 - 17:44
 0  9
नवाचार, जनभागीदारी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा बनी पहचान

भोपाल

दृढ़ इच्छाशक्ति, नवाचार और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा हो तो सीमित संसाधनों में भी असाधारण बदलाव की इबारत लिखी जा सकती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है भोपाल जिले के शासकीय सांदीपनी महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भेल की विज्ञान शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला और सीधी जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजवार के माध्यमिक शिक्षक (अंग्रेजी) एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने।

दोनों शिक्षकों ने अपने नवाचारों, समर्पण, जनभागीदारी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के माध्यम से शासकीय स्कूलों में बदलाव की नई कहानी है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उल्लेखनीय प्रयासों से केवल शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपने जिले और मध्यप्रदेश का मान भी बढ़ाया है। दोनों शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए हुआ है। दोनों शिक्षकों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने स्कूल शिक्षा विभाग को गौरवान्वित किया है।

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान की चयन प्रक्रिया बहु-स्तरीय और प्रतिस्पर्धात्मक है। डॉ. अर्चना शुक्ला मध्यप्रदेश से राज्य स्तर पर चयनित छह शिक्षकों में शामिल रहीं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र महिला शिक्षिका रहीं। वहीं, शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र के एक सीमित संसाधनों वाले विद्यालय को अपनी नवाचारी सोच और जनभागीदारी के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक वातावरण वाले विद्यालय के रूप में विकसित करने का अनुकरणीय कार्य किया है। उनके प्रयासों से विद्यालय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिली।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0