हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: गृह विभाग की 33 सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ के दायरे में

Jun 18, 2026 - 13:14
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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: गृह विभाग की 33 सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ के दायरे में

चंडीगढ़
हरियाणा गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के दायरे में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत अब विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और एनओसी से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवाएं प्रदान करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक शिकायत और अपील भी कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस सत्यापन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 22 दिनों में पूरी होगी।

हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की अवधि बढ़ाने तथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति जैसी सेवाएं 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी।

विदेशियों के आगमन और प्रस्थान का पंजीकरण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा एफआईआर या डीडीआर की प्रति भी तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेले, प्रदर्शनी, खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार और पुराने वाहनों के लिए एनओसी जैसी सेवाओं की समय-सीमा 5 दिन तय की गई है।

घरेलू सहायक, किरायेदार, कर्मचारी और चरित्र सत्यापन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण से संबंधित सेवाएं 21 दिनों के भीतर पूरी की जाएंगी। पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए एनओसी 15 दिनों में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस जारी करने में 30 दिन और उसके नवीनीकरण में 25 दिन का समय लगेगा।

इसके अलावा पेट्रोलियम और विस्फोटक नियमों के तहत विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण एवं बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ऑनलाइन शिकायतों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन का निपटारा 60 दिनों में किया जाएगा।

सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। यदि किसी नागरिक को तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह अधिनियम के तहत अपील कर सकेगा। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

 

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