मुजफ्फरपुर कचहरी में फर्जी स्टांप का बड़ा खेल बेनकाब, 3 गिरफ्तार और एक फरार

Aug 22, 2026 - 08:14
 0  9
मुजफ्फरपुर कचहरी में फर्जी स्टांप का बड़ा खेल बेनकाब, 3 गिरफ्तार और एक फरार

पटना
बिहार में फर्जी स्टांप टिकट के कारोबार का खुलासा हुआ है। मुजफ्फरपुर कचहरी परिसर में फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप बेचने में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। एक फरार है। छापेमारी कर एक लैपटॉप, बड़ी संख्या में फर्जी ज्यूडिशयल स्टांप, वेलफेयर टिकट व कोर्ट फीस की टिकट जब्त किए गए। पुलिस गिरफ्त में आया राजेश स्कैन करके फेक स्टांप बनाने में माहिर है। राजेश से पूछताछ में कई अहम राज खुलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर नगर थाने में चार नामजदों के विरुद्ध कार्यपालक दंडाधिकारी पूर्वी रामनाथ कुमार ने एफआईआर कराई। नामजदों में गोलाबांध रोड के मुरारी, बड़ी करबला निवासी प्रभात चौधरी, दुर्गास्थान के राजेश और सत्यम कुमार शामिल हैं। मुरारी, राजेश एवं प्रभात को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, सत्यम फरार चल रहा है। इन सभी की कचहरी परिसर में दुकानें हैं। एएसपी नगर सुरेश कुमार ने बताया कि चार नामजदों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया गया है। फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप की जब्ती व आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।

फर्जी स्टांप स्कैनिंग करने का एक्सपर्ट है राजेश
फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप मामले में गिरफ्तार राजेश इस खेल में एक्सपर्ट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह दस मिनट में अपने लैपटॉप से लगभग 50 फर्जी टिकट स्कैन कर देता था। ज्यादातर वेंडर उसी से फर्जी टिकट खरीदते थे। वह ज्यादातर सौ रुपये के ज्यूडिशियल स्टांप की स्कैनिंग करता था। इससे पहले पुलिस की पूछताछ में उसने भरमाने के लिए मोतिहारी व सीतामढ़ी के फर्जी स्टांप सप्लाई होने की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसका लैपटॉप जब्त करने की चर्चा है। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

किराना दुकानदार से फर्जी स्टांप विक्रेता बना मुरारी
कचहरी परिसर से एसडीओ ऑफिस जाने वाली सड़क में गेट ग्रिल के पास मुरारी किराना की दुकान चलाता था। इसकी आड़ में उसने फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप, वेलफेयर टिकटव कोर्ट फीस की टिकट का धंधा शुरू किया। इसके बाद उसने किराना दुकान पर ध्यान देना कम कर दिया। कचहरी परिसर में उसे फर्जी स्टांप विक्रेता के रूप में जानने लगे थे। लिंक फेल रहने व तकनीकी खराबी के कारण कई-कई दिनों तक फ्रैंकिंग मशीन बंद रहने पर भी मुरारी की दुकान पर हर तरह का स्टांप आसानी से मिल जाता था।

एसडीओ पूर्वी के आदेश पर एफआईआर
एफआईआर में कार्यपालक दंडाधिकारी पूर्वी रामनाथ कुमार ने कहा है कि कचहरी परिसर से जब्त कुछ ज्यूडिशियल स्टांप, वेलफेयर टिकट व कोर्ट फीस की टिकट शुक्रवार को एसडीओ पूर्वी ने जांच कराई। इसमें सभी फर्जी निकले। जिला बार एसोसिएशन के सचिव व कोषाध्यक्ष ने बताया कि इसे उक्त चारों आरोपितों की दुकान से खरीदा गया था। वहीं, एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव व एएसपी नगर सुरेश कुमार के नेतृत्व में जांच के बाद फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप, कोर्ट फीस का टिकट व वेलफेयर टिकट पाए जाने में उक्त चारों आरोपितों को चिह्नित किया गया। इसके बाद एसडीओ पूर्वी ने कार्यपालक दंडाधिकारी पूर्वी को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।

सत्यम की दुकान से बेची गई फर्जी स्टांप से खुला राज
सत्यम की दुकान से सौ रुपये का ज्यूडिशियल स्टांप बेचा गया था। इसके खरीदार जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर के रिश्तेदार थे। उन्हें नहीं पता था कि यह स्टांप नकली है। जब वे स्टांप लेकर उनके पास पहुंचे तो वे उन्होंने इसकी पहचान कर ली। इसके बाद 18 अगस्त को एसोसिएशन के संयुक्त सचिव दीपक कुमार व कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार ओझा के साथ सत्यम की दुकान पर छापेमारी की। इस छापेमारी में उन्हें अलग-अलग मूल्य के सौ से अधिक फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप मिले। इसके बाद दूसरी दुकान से भी इसी तरह का फर्जी स्टांप मिला। उन्होंने दोनों दुकानों को सील कर दिया और इसकी सूचना एसडीओ पूर्वी व अन्य वरीय अधिकारियों को दी। जब्त स्टांप को एसडीओ पूर्वी को सौंप दिया। एसडीओ पूर्वी ने कोषागार अधिकारी से इसकी जांच कराई तो इसमें से अधिकांश फर्जी निकले। 19 जुलाई को एसडीओ पूर्वी व एएसपी नगर के नेतृत्व में कचहरी परिसर में कई दुकानों पर छापेमारी कर भी स्टांप जब्त किए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपी गई रिपोर्ट
एसडीओ पूर्वी व एएसपी नगर शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में अब तक की कार्रवाई का उल्लेख है। गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों अधिकारियों को तलब किया था। उनसे इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी।

फ्रैंकिंग मशीन काउंटर पर दिनभर लगी रही भीड़
कचहरी परिसर में फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप विक्रेताओं विरुद्ध पिछले तीन दिनों से चल रही कार्रवाई का असर शुक्रवार को फ्रैंकिंग मशीन काउंटर पर भी दिखा। शुक्रवार को कोर्ट अवधि में फ्रैंकिंग मशीन काउंटर पर खरीदारों की भीड़ लगी रही। आधार कार्ड की छायाप्रति देने पर ही संबंधित व्यक्ति को स्टांप बिक्री की नई व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लगी। वहीं, इसके कारण बिना आधार कार्ड की छायाप्रति वाले को निराश होकर लौटना पड़ा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0