नरवणे का बड़ा बयान: पाकिस्तान तत्काल खतरा, चीन बनेगा भारत का मुख्य प्रतिस्पर्धी

Aug 21, 2026 - 07:44
 0  9
नरवणे का बड़ा बयान: पाकिस्तान तत्काल खतरा, चीन बनेगा भारत का मुख्य प्रतिस्पर्धी

नई दिल्ली
पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद के लगातार खतरे के कारण भारत का ध्यान काफी हद तक पाकिस्तान पर केंद्रित रहा है, लेकिन दीर्घकाल में चीन कई क्षेत्रों में भारत का मुख्य प्रतिस्पर्धी बनने जा रहा है। चीन के संदर्भ में 'शत्रु' शब्द का इस्तेमाल करने से बचते हुए नरवणे ने कहा कि भारत को बीजिंग के साथ लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने के साथ-साथ मजबूत सैन्य प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने की जरूरत है।

अपनी नई पुस्तक 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड : अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' के विमोचन के अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान और चीन, दोनों के साथ युद्ध लड़े हैं और दोनों के साथ सीमाओं का विवाद अभी अनसुलझा है। उन्होंने कहा कि हालांकि, दोनों देश अलग-अलग तरह की चुनौती पेश करते हैं।

चीन और पाकिस्तान रडार पर
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान और चीन पूरी तरह से अलग हैं। हमने दोनों के साथ युद्ध लड़े हैं। हमारी सीमाएं को लेकर विवाद अनसुलझे हैं। इसलिए वे हमेशा खतरे और चुनौती के रूप में हमारे रडार पर रहेंगे।' नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान से तत्काल खतरा मुख्य रूप से आतंकवाद के लगातार बने रहने के कारण है, जबकि आने वाले वर्षों में चीन के भारत का मुख्य प्रतिस्पर्धी बनने की संभावना है।

उन्होंने कहा, 'हमने पाकिस्तान के साथ बड़े युद्ध लड़े हैं और आतंकवाद को उसके लगातार समर्थन के कारण हमारा ध्यान पश्चिमी सीमा पर रहता है। लेकिन मुझे लगता है कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि आने वाले वर्षों में और दीर्घकाल में चीन हमारा मुख्य प्रतिस्पर्धी बनने जा रहा है। और मैं जानबूझकर 'प्रतिस्पर्धी' शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं, 'शत्रु' का नहीं।'

यहां होगा कॉम्पिटिशन
नरवणे ने कहा कि चीन राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार और सैन्य मामलों सहित कई क्षेत्रों में भारत के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। नरवणे 31 दिसंबर 2019 से 30 अप्रैल, 2022 तक सेना अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत को ताकत का इस्तेमाल करने के बजाय बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से चीन के साथ मतभेद सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'बल प्रयोग का सहारा लेना हमेशा आखिरी प्राथमिकता होनी चाहिए।' साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी संभावित दुस्साहस को रोकने के लिए विश्वसनीय सैन्य तैयारी बनाए रखनी चाहिए।

खास बात है कि भारत और चीन के बीच जून 2020 में हुई गलवान घाटी में झड़प के बाद से ही तनाव है। हालांकि, अब हालात सुधरते नजर आ रहे हैं। जबकि, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल समझौता रद्द करने समेत कई कार्रवाइयां की हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0