नीरज चोपड़ा का कमबैक प्लान तैयार, चोट से उबरकर 2027 में करेंगे दमदार वापसी

Oct 17, 2026 - 13:44
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नीरज चोपड़ा का कमबैक प्लान तैयार, चोट से उबरकर 2027 में करेंगे दमदार वापसी

 नई दिल्ली

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने अपने कमबैक को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज ने बताया कि टखने की चोट से अब वह काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और अगले साल यानी 2027 में दमदार वापसी करना चाहते हैं. उनका लक्ष्य अगले सीजन में फिर से अपने प्रदर्शन का स्तर ऊंचा करना है। 

नीरज को अगस्त में ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर (Ankle Ligament Tear) हुआ था. इस चोट के कारण उन्हें 2026 एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से बाहर होना पड़ा. इससे पहले उन्होंने जुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का थ्रो किया था और दूसरे स्थान पर रहे थे। 

मुंबई में 2026 ऑडी Q3 की लॉन्चिंग के दौरान नीरज ने अपनी रिकवरी पर बात की. उन्होंने कहा- बिल्कुल, ओलंपिक अभी कुछ समय दूर हैं, क्योंकि ये 2028 में होने हैं. जैसा कि आप जानते हैं, मुझे चोट लगी थी और अब मैं वापसी की तैयारी कर रहा हूं. मेरा चोटिल टखना अब काफी बेहतर महसूस कर रहा है और रिकवरी भी अच्छी चल रही है। 

नीरज ने आगे कहा- फिलहाल मेरा मुख्य फोकस अगले साल दमदार वापसी करने और उन प्रदर्शनों को हासिल करने पर है, जो मैं अब तक नहीं कर पाया हूं। 

यशवीर और रोहित के प्रदर्शन से खुश नीरज
एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाने के बावजूद नीरज को भारतीय जैवलिन थ्रोअर के प्रदर्शन से खुशी मिली. नागोया में हुए इन खेलों में यशवीर सिंह ने सिल्वर और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. यशवीर ने 85.72 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जबकि रोहित का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 84.35 मीटर रहा. श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। 

2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में नीरज ने 88.88 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता था, जबकि किशोर जेना ने 87.54 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर अपने नाम किया था. उस समय भारत ने इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीते थे. 2026 में नीरज और किशोर, दोनों के नहीं खेलने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने दो मेडल जीतने का सिलसिला जारी रखा। 

नीरज ने कहा- मुझे लगता है कि सिर्फ यशवीर ही नहीं, रोहित ने भी शानदार प्रदर्शन किया. पिछले खेलों में हमने दो मेडल जीते थे, एक गोल्ड और एक सिल्वर. इस बार किशोर और मेरे नहीं खेलने के बावजूद हम दो मेडल जीतने में सफल रहे। 
उन्होंने आगे कहा- इन नए और युवा खिलाड़ियों का उभरना भारत के लिए बहुत सकारात्मक संकेत है. यह दिखाता है कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं. मैं बस उनसे यही कहना चाहूंगा कि अपना ध्यान रखें, चोट से बचें और अपने गेम को इंजॉय करें। 

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