नालंदा में पेपरलेस रजिस्ट्री को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स, रोजाना 110 जमीनों की डिजिटल रजिस्ट्री

Nov 5, 2026 - 05:14
 0  8
नालंदा में पेपरलेस रजिस्ट्री को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स, रोजाना 110 जमीनों की डिजिटल रजिस्ट्री

बिहारशरीफ
नालंदा जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था क लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। शुरुआती दौर की झिझक और भ्रांतियों को पीछे छोड़कर अब क्रेता-विक्रेता तेजी से डिजिटल व्यवस्था अपना रहे हैं। जिले में प्रतिदिन करीब 110 जमीनों की खरीद-बिक्री डिजिटल माध्यम से हो रही है।

आंकड़ों के अनुसार, बिहारशरीफ निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 65 से 70 दस्तावेजों का निबंधन किया जा रहा है। वहीं, हिलसा और राजगीर अनुमंडलीय निबंधन कार्यालयों को मिलाकर यह आंकड़ा करीब 110 तक पहुंच रहा है।

जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि अगस्त 2026 से लागू पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और आम लोगों का समय बचाना है। पहले कागजी प्रक्रिया और फाइलों के कारण लोगों को काफी समय देना पड़ता था, लेकिन अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज हो गई है।

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद खरीदार को मूल दस्तावेज सौंप दिया जाता है। साथ ही, क्रेता के निबंधित मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से रजिस्टर्ड डीड की सुरक्षित पीडीएफ कॉपी भी भेजी जाती है।

क्यूआर कोड से कभी भी डाउनलोड कर सकेंगे दस्तावेज
डिजिटल डीड पर सुरक्षित क्यूआर कोड अंकित रहता है। इसे स्मार्टफोन से स्कैन कर दस्तावेज को कभी भी देखा, डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। मूल दस्तावेज खो जाने की स्थिति में भी दूसरी प्रति के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की आशंका भी कम होती है। वहीं, सर्वर पर सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड भविष्य में भी भू-स्वामियों के लिए उपयोगी साबित होगा।

निबंधन कार्यालय में हेल्प डेस्क की सुविधा
पेपरलेस रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए निबंधन कार्यालय परिसर में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। यहां तैनात कर्मी क्रेता-विक्रेताओं को ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, दस्तावेज अपलोड करने और निबंधन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी एवं कानूनी जानकारी दे रहे हैं।

इस सुविधा से लोगों को बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने के साथ समय की बचत और दस्तावेजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0