बिहान से प्रमिला ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, खेती के साथ सिलाई और मुर्गी पालन बना आय का मजबूत आधार

Sep 25, 2026 - 15:14
 0  6
बिहान से प्रमिला ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, खेती के साथ सिलाई और मुर्गी पालन बना आय का मजबूत आधार

सेवा की कहानी

बिहान से प्रमिला ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, खेती के साथ सिलाई और मुर्गी पालन बना आय का मजबूत आधार

स्व-सहायता समूह से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर बढ़ाए आजीविका के साधन

गन्ना, मक्का और सब्जी उत्पादन से सालाना करीब 2 लाख रुपये की आय, सिलाई और मुर्गी पालन से 50 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी

रायपुर
 ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर गांव की महिलाएं अब आजीविका के एक नहीं, बल्कि अनेक साधन अपनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत सिलमा निवासी प्रमिला सिंह ने भी स्व-सहायता समूह से मिले ऋण, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का लाभ उठाकर खेती के साथ सिलाई और मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया है। अलग-अलग गतिविधियों से हो रही आमदनी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

फूल स्व-सहायता समूह से जुड़कर शुरू हुआ बदलाव का सफर

प्रमिला सिंह वर्ष 2012 में फूल स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अन्य सदस्यों के माध्यम से शासकीय योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। आजीविका बढ़ाने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण लिया और खेती के काम को आगे बढ़ाया।

दो एकड़ में विविध फसलों की खेती से बढ़ी आमदनी

प्रमिला ने एक एकड़ भूमि में गन्ने की खेती तथा एक एकड़ में सब्जी, मक्का और सूरजमुखी की खेती शुरू की। मेहनत और बेहतर कृषि प्रबंधन का परिणाम उन्हें अच्छी आमदनी के रूप में मिला। प्रमिला के अनुसार गन्ने के उत्पादन से उन्हें लगभग एक लाख रुपये तथा मक्का एवं सब्जी उत्पादन से करीब एक लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है।

सिलाई और मुर्गी पालन ने दिया अतिरिक्त आय का सहारा

प्रमिला ने अपनी आजीविका को केवल खेती तक सीमित नहीं रखा। स्व-सहायता समूह के माध्यम से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने सिलाई कार्य भी शुरू किया। इसके साथ ही मुर्गी पालन को भी अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपनाया। सिलाई और मुर्गी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी हो रही है।

आमदनी बढ़ी तो मजबूत हुआ आत्मविश्वास

खेती, सिलाई और मुर्गी पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने प्रमिला के परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। प्रमिला बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, ऋण और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। इससे वे अपनी आजीविका के साधनों को बढ़ा सकीं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में सफल हुईं।

दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रमिला सिंह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि स्व-सहायता समूह से मिलने वाला आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन महिलाओं के जीवन में किस तरह बदलाव ला सकता है। बिहान से जुड़कर खेती के साथ आय के दूसरे साधन विकसित करने वाली प्रमिला आज अपने परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0