झारखंड प्रशासनिक सेवा की संशोधित वरीयता सूची जारी, अधिकारियों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए मिले 8 दिन

Oct 10, 2026 - 15:44
 0  9
झारखंड प्रशासनिक सेवा की संशोधित वरीयता सूची जारी, अधिकारियों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए मिले 8 दिन

 रांची
राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित और संशोधित औपबंधिक वरीयता सूची को जारी करते हुए अधिकारियों से आठ दिनों के भीतर आपत्ति मांगी है।

हाई कोर्ट के स्तर से पूर्व में जारी न्यायादेशों और क्रमिक संशोधनों के आलोक में जारी इस सूची में राज्य गठन के बाद कैडर बंटवारे में झारखंड आए अधिकारियों की वरीयता सूची जारी की गई है।

इनमें कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस सूची में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित एवं नियुक्त अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सूची फिलहाल औपबंधिक है।

संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उन्हें सूची में अंकित किसी भी तथ्य, जन्मतिथि, योगदान तिथि या अन्य विवरण पर आपत्ति अथवा दावा करना हो, तो वे पूर्ण साक्ष्यों के साथ आवेदन विभाग को सौंप सकते हैं।

सूची में दर्ज तथ्यों पर दावा या आपत्ति रखने वाले पदाधिकारी प्रकाशन की तिथि से आठ दिन के भीतर पूर्ण साक्ष्यों के साथ विभागीय सचिव को लिखित आवेदन दे सकते हैं, अथवा विभाग के ई-मेल डीओपीजेएचएआरकेएचएएनडी@जीमेल.काम के माध्यम से दे सकते हैं।

विचार के बाद अंतिम सूची
इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों पर सम्यक विचार के बाद ही अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित की जाएगी। कार्मिक विभाग ने बताया है कि यह प्रक्रिया बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अधीन अंतिम संवर्ग विभाजन के बाद झारखंड को आवंटित झाप्रसे अधिकारियों की वरीयता निर्धारण से जुड़ी है।

इससे पहले 24 नवंबर 2003 के विभागीय आदेश के तहत अधिकारियों की वरीयता तय की गई थी। संवर्ग विभाजन के बाद एकल और पारस्परिक आधार पर स्थानांतरण के फलस्वरूप झारखंड आए कर्मियों की वरीयता को लेकर कई कानूनी अड़चनें उत्पन्न हुईं और मामला न्यायालय तक पहुंचा।

इसी वर्ष एक जुलाई को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करना पड़ा। इस संशोधन में पारस्परिक स्थानांतरण और वरीयता दावों से संबंधित नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन्हीं संशोधनों और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह औपबंधिक सूची जारी की गई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0