केंद्रीय मंत्री बोले - उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल
ग्रेटर नोएडा
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। आज प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उसकी नई पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है।
उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में पहचान बना रहे
पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे इन अवसरों को पहचानें और पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं।
2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर लोगों में चिंता थी। उद्यमियों में पर्याप्त विश्वास नहीं था और प्रदेश में नए बड़े उद्योग लगाने को लेकर उत्साह का अभाव था। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से भी उत्तर प्रदेश की ओर निवेश के लिए देखने की स्थिति नहीं थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय निवेश की कल्पना और भी दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत में भी निराशा का माहौल था। बड़े पैमाने पर पलायन की चर्चा होती थी और उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था। ऐसे वातावरण में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की कल्पना करना कठिन था।
युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया
पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से सुझाव लिए थे। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सामने आई जन-आकांक्षाएं बहुत व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़ी वित्तीय आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश का बजट सीमित था और वित्तीय संसाधनों पर दबाव था। सरकारी कर्मचारियों के वेतन सहित नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। इसके बावजूद जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए हर वर्ष बड़ी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था।
ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा राजस्व
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ-साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न राजस्व स्रोतों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि वही है, लेकिन भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में बड़ा बदलाव आया है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश का खनन राजस्व लगभग 1,548 करोड़ रुपये था। आज इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में यह बदलाव सरकार की बेहतर व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि का असर प्रदेश की विकास यात्रा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर राजस्व संग्रह के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, वहीं आज उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट प्रस्तुत करने की स्थिति में है। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
यूपीआईटीएस ग्लोबल मार्केट एक्सेस की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के व्यापार और उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को दुनिया के बाजारों तक पहुंच बनाने और भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों के माध्यम से दुनिया के विभिन्न बाजार भारतीय उत्पादों के लिए खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उद्यमी अपने उत्पादों, सेवाओं और स्थानीय विशेषताओं को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए इन अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। बेहतर औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण बड़ी कंपनियां प्रदेश की ओर आकर्षित हो रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से निवेशक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हुनर और कौशल विकसित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम और व्यापारिक आयोजन हो रहे हैं, जो उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से दुनिया के कई बाजार भारत के लिए खुले हैं और उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली उद्यमियों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर उपस्थित रहे।
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