बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, बनेगा मध्यप्रदेश एम.आई.सी.ई. पर्यटन का प्रमुख केंद्र
भोपाल
प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर और उन्नत अधोसंरचना पर जोर दिया जा रहा है। मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘IEIA MICE इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट–फोकस’ कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश की संभावनाओं और निवेश के अवसरों का प्रस्तुतिकरण दिया।
इंडियन एग्जीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IEIA) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘भारत में MICE आयोजनों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण’ थी। सम्मेलन में पश्चिमी भारत को वैश्विक MICE पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के विषय पर गहन पैनल चर्चा हुई।
भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा MICE कन्वेंशन केंद्र
अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने बताया कि भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों की बैठक क्षमता विकसित करने की योजना है। यह केंद्र 172 एकड़ में विकसित किए जा रहे सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का हिस्सा होगा। परियोजना के नियोजन में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
वर्तमान में भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर संचालित है। इसके अलावा, इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों की क्षमता और 15 ब्रेकआउट हॉल उपलब्ध हैं, जबकि खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों, संस्थागत सहयोग और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से मध्यप्रदेश में MICE पर्यटन की संभावनाओं को नया विस्तार दिया जाएगा।
पर्यटन नीति में निवेश एवं आयोजनों के लिए प्रोत्साहन
मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत MICE पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले पात्र आवासीय कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक) की सब्सिडी दी जा सकती है। इसके साथ ही पात्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान व स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा ‘ग्रीन इवेंट सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन’ के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
प्रदेश में बड़े व्यावसायिक आयोजनों की क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ रहा। इसमें 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों तथा 600 से अधिक हितधारकों ने सहभागिता की। इस आयोजन में 177 स्टॉलों के माध्यम से 10,263 बी2बी (B2B) बैठकें संपन्न हुईं।
आयोजकों को मिलेगा समन्वय एवं मार्गदर्शन
प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने के लिए ‘सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो’ की स्थापना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से आयोजकों को उपयुक्त स्थल एवं स्थानीय साझीदारों के चयन, संबंधित शासकीय विभागों व होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय, वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी तथा प्रतिनिधियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने में एकल खिड़की (सिंगल विंडो) सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
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