HEC पर 280 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया, सरकारी कंपनी का जल्द कटेगा कनेक्शन
रांची.
झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पर बकायेदारों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ा बकायेदार हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) है, जो हर महीने 80 से 90 लाख रुपये की बिजली खपत करने के बावजूद बिजली बिल के एवज में एक रुपये का भी भुगतान नहीं कर रहा है।
स्थिति यह है कि एचईसी पर जेबीवीएनएल का बकाया 280 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और अगर यही रफ्तार रही तो यह राशि जल्द ही 350 करोड़ रुपये के पार चली जाएगी। इस गंभीर मुद्दे पर शुक्रवार को रांची एरिया बोर्ड की बैठक में गहरी चिंता जताई गई। बैठक में एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी राशि को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सीधे तौर पर बिजली वितरण व्यवस्था को कमजोर कर रही है।
उन्होंने बताया कि बैठक में केवल एक ही एजेंडा पर चर्चा हुई है, बड़े बकायेदारों से बिजली बिल वसूला जाए, नहीं तो कनेक्शन काटा जाए। बताया गया कि पिछले चार महीनों से सरकार की ओर से 200 यूनिट फ्री बिजली के एवज में जेबीवीएनएल को भुगतान नहीं मिल रहा है, जिसके कारण एनटीपीसी और डीवीसी को भुगतान अटक गया है। निगम पर एनटीपीसी का करीब 450 करोड़ और डीवीसी का लगभग 300 करोड़ रुपये बकाया है। बैठक में रांची एरिया बोर्ड के सभी कार्यपालक अभियंता शामिल हुए। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब रिलेशन मेंटेन करने के बजाय बकायेदारों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें और जरूरत पड़े तो बिजली कनेक्शन काटें।
रिंग रोड के अंदर 90 हजार हाई वोल्टेज कंज्यूमर मौजूद, जल्द होगा वसूली
इस मौके पर जीएम मनमोहन कुमार ने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति तभी संभव है जब उपभोक्ता समय पर बिजली बिल का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि जैसे निगम की जिम्मेदारी लगातार बिजली देने की है, वैसे ही उपभोक्ताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे समय पर बिलें।
उन्होंने कहा कि रांची रिंग रोड के अंदर हाई वोल्टेज कंज्यूमर की संख्या 90 हजार है, जिससे वसूली के लिए 21 से 23 जनवरी तक योजना बनाकर वसूली किया जाएगा। सबसे पहले वेस्ट डिविजन में वसूली के लिए कार्रवाई होगी, अंत में कोकर डिविजन में वसूली होगी। उन्होंने कहा कि कई अन मीटर और डिफेक्टिव मीटर के भी मामले सामने आए है, इसकी जांच कर इसे ठीक किया जाए।
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