ऑस्कर 2026 की दौड़ में ईशान खट्टर की ‘होमबाउंड’, बेस्ट इंटरनेशनल फीचर में हुई शॉर्टलिस्ट

Dec 17, 2025 - 08:44
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ऑस्कर 2026 की दौड़ में ईशान खट्टर की ‘होमबाउंड’, बेस्ट इंटरनेशनल फीचर में हुई शॉर्टलिस्ट

मुंबई 
98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में फिल्म होमबाउंड छा गई है. करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन में बनी इस मूवी को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में शॉर्टलिस्ट किया गया है. फिल्म को मिली इस सक्सेस से करण जौहर प्राउड फील कर रहे हैं. वो इस लैंडमार्क मोमेंट को सेलिब्रेट कर रहे हैं. होमबाउंड को नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया है. इसमें विशाल जेठला, ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर लीड रोल में दिखे. 

ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट हुई होमबाउंड
16 दिसंबर को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंस ने होमबाउंड के शॉर्टलिस्ट होने की जानकारी दी. बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में दुनियाभर से आई 86 फिल्मों में से 15 को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसमें से होमबाउंड भी एक है.

इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में शॉर्टलिस्ट हुईं ये फिल्में दुनिया भर के सिनेमा की झलक दिखाती है. होमबाउंड की इस कैटिगरी में अर्जेंटीना की बेलेन, ब्राजील की द सीक्रेट एजेंट, फ्रांस की इट वॉज जस्ट ऐन ऐक्सीडेंट, जर्मनी की साउंड ऑफ फॉलिंग, इराक की द प्रेसिडेंट केक, जॉर्डन की ऑल डेट्स लेफ्ट ऑफ यू, जापान की कोकुहो, साउथ कोरिया की नो अदर चॉइस, नॉर्वे की सेंटिमेंटल वैल्यू, स्पेन की सिराट, स्विटजरलैंड की लेट शिफ्ट समेत बाकी फिल्मों से टक्कर होगी. 

होमबाउंड के ऑस्कर्स के लिए शॉर्टलिस्ट होने पर करण ने इमोशनल पोस्ट लिखा है. वो कहते हैं- मैं बता नहीं सकता इस वक्त मुझे कितना गर्व महसूस हो रहा है. मैं सातवें आसमान पर हूं. मैंने होमबाउंड की जर्नी देखी है. धर्मा मूवीज और मैं होमबाउंड जैसी मूवी को अपनी फिल्मोग्राफी में पाकर प्राउड हैं. थैंक्यू नीरज घेवान हमारे कई सारे सपनों को सच करने के लिए.कान्स से लेकर ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट होने की ये जर्नी जबरदस्त रही. पूरे कास्ट, क्रू और इस खास फिल्म की सभी टीमों को ढेर सारा प्यार. आगे बढ़ते रहो...

क्या है फिल्म होमबाउंड की कहानी?
मूवी में दो बचपन के दोस्तों (ईशान खट्टर और विशाल जेठवा) की दोस्ती दिखाई गई है. विशाल मूवी में दलित लड़के चंदन कुमार के किरदार में हैं. वहीं ईशान का रोल मुस्लिम लड़के मोहम्मद शोएब का है. बचपन से उन्होंने समाज के तिरस्कार और भेदभाव का सामना किया है. बचपन से गरीबी की मार झेल रहे चंदन और शोएब के सपने बड़े हैं. वो बेहतर जिंदगी चाहते हैं. इसलिए वो अपनी जिंदगी को संवारने के लिए पुलिस सेवा में भर्ती होने का सपना देखते हैं. लेकिन जैसे ही वो अपने गोल के करीब पहुंचते हैं उनकी दोस्ती में दरार आने लगती है. 

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