झारखंड में डाक विभाग का बड़ा फेरबदल, धनबाद बनेगा नया रीजन; 7 नई इकाइयों को मंजूरी

Oct 15, 2026 - 15:44
 0  8
झारखंड में डाक विभाग का बड़ा फेरबदल, धनबाद बनेगा नया रीजन; 7 नई इकाइयों को मंजूरी

रांची
झारखंड में डाक विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। डाक विभाग ने राज्य में एक नए डाक रीजन के गठन के साथ चार नए डाक प्रमंडल और तीन उप डाक प्रमंडल बनाने की मंजूरी दी है। इसके तहत धनबाद में नया रीजन बनेगा, जबकि बोकारो, रामगढ़, चाईबासा और खूंटी में नए डाक प्रमंडल गठित किए जाएंगे।

वहीं, इटखोरी, अमड़ापाड़ा और छिपादोहर में नए उप डाक प्रमंडल बनाए जाएंगे। केंद्रीय संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने 12 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था एक नवंबर 2026 से लागू होगी। डाक विभाग के अनुसार, प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने, कारोबार बढ़ाने और राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है।

अभी झारखंड सर्किल में एक ही रीजन है, जिसे रांची रीजन कहा जाता है। इसके विभाजन के बाद धनबाद रीजन अस्तित्व में आएगा। इसका मुख्यालय धनबाद में होगा।

धनबाद रीजन में सात प्रमंडल
नए धनबाद रीजन के अंतर्गत देवघर, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग और संताल परगना के मौजूदा डाक प्रमंडलों के साथ नए बोकारो और रामगढ़ प्रमंडल शामिल होंगे। वहीं, रांची रीजन के अंतर्गत गुमला, पलामू और रांची के अलावा सिंहभूम तथा नवगठित चाईबासा और खूंटी प्रमंडल रहेंगे।

बोकारो डाक प्रमंडल का मुख्यालय बोकारो और रामगढ़ प्रमंडल का मुख्यालय रामगढ़ कैंट प्रधान डाकघर में होगा। चाईबासा प्रमंडल का गठन मौजूदा सिंहभूम प्रमंडल को बांटकर किया जाएगा। वहीं, खूंटी प्रमंडल रांची डाक प्रमंडल के पुनर्गठन से बनेगा। इसका मुख्यालय खूंटी एमडीजी में होगा


तीन उप डाक प्रमंडल भी बनेंगे
विभाग ने हजारीबाग, संताल परगना और पलामू डाक प्रमंडलों के पुनर्गठन के तहत तीन नए उप डाक प्रमंडल बनाने की मंजूरी दी है। इटखोरी उप डाक प्रमंडल हजारीबाग प्रमंडल के बरही और चतरा क्षेत्रों के पुनर्गठन से बनेगा। अमड़ापाड़ा उप डाक प्रमंडल के गठन के लिए पाकुड़, दुमका सेंट्रल और साहिबगंज क्षेत्रों का पुनर्गठन होगा। वहीं, छिपादोहर उप डाक प्रमंडल पलामू प्रमंडल के लातेहार, सेंट्रल और पलामू ईस्ट क्षेत्रों के पुनर्गठन से बनेगा।

मौजूदा बजट से होगा संचालन
आदेश में नए प्रशासनिक कार्यालयों के संचालन के लिए अतिरिक्त बजट नहीं देने की बात कही गई है। जरूरी उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च मौजूदा स्वीकृत बजट से किया जाएगा। कर्मचारियों की तैनाती उनकी सहमति और अनुरोध के आधार पर करने का निर्देश दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के एक साल बाद संबंधित इकाइयों के कामकाज, कार्यभार और राजस्व की समीक्षा भी की जाएगी। 

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0