Panipat ESI अस्पताल रेफरल घोटाला: CM सैनी ने ACB को सौंपी जांच, 3 कर्मचारी सस्पेंड

Apr 19, 2026 - 08:14
 0  8
Panipat ESI अस्पताल रेफरल घोटाला: CM सैनी ने ACB को सौंपी जांच, 3 कर्मचारी सस्पेंड

चंडीगढ़.

पानीपत के ईएसआइ अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने का खेल उजागर होने के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया है।
अनियमितताओं में संलिप्त पानीपत ईएसआइ अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित करते हुए पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

साथ ही छह निजी अस्पतालों को तुरंत पैनल से बाहर करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को समीक्षा बैठक में ईएसआइ हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। इन अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे और रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश भर में ईएसआइ के पैनल पर शामिल अन्य 133 निजी अस्पतालों के रिकार्ड की भी एसीबी द्वारा जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानीपत ईएसआइ अस्पताल की क्षमता को 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया जाए तथा वहां आपरेशन थिएटर का विस्तार किया जाए। इसी प्रकार जगाधरी ईएसआइ अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआइ डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए। सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआइ अस्पतालों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ईएसआइ हेल्थ केयर में डाक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, और इस दिशा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने भी अपनी बात रखी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0