पराली प्रबंधन के लिए विशेष किसान हेल्पलाइन शुरू, फोन पर मिलेगी कृषि मशीनों की जानकारी

Oct 27, 2026 - 08:14
 0  9
पराली प्रबंधन के लिए विशेष किसान हेल्पलाइन शुरू, फोन पर मिलेगी कृषि मशीनों की जानकारी

चंडीगढ़
 पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए किसानों को अब फोन पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। क्लीन एयर पंजाब, एयरकेयर सेंटर और सांझ पंजाब से जुड़ी पहल सांझा मित्र किसान सहायता केंद्र ने विशेष टेलीफोन हेल्पलाइन शुरू की है। इसके माध्यम से किसान पराली जलाए बिना फसल अवशेषों का प्रबंधन करने, आधुनिक कृषि मशीनरी की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर 79737-27514 है। यह सेवा सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक उपलब्ध रहेगी।

धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच कम समय होने के कारण किसानों के सामने पराली प्रबंधन की चुनौती रहती है। समय पर उपयुक्त मशीनरी और सही जानकारी नहीं मिलने से कई बार किसान पराली जलाने का विकल्प चुन लेते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सांझा मित्र के माध्यम से किसानों को किफायती और व्यावहारिक विकल्पों की जानकारी देने की पहल की गई है।

किसानों के सवालों का जवाब देगी हेल्पलाइन
यह हेल्पलाइन केवल किसानों के सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों और मशीनरी के प्रभावी इस्तेमाल के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। किसानों को पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

असर में राज्य जलवायु कार्रवाई की निदेशक सनम ने कहा कि सांझा मित्र को किसानों के साथ संवाद कार्यक्रमों के दौरान सामने आई उनकी जरूरतों और सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। जब तकनीक किसानों की वास्तविक प्राथमिकताओं के अनुरूप होती है, तो उसका प्रभाव अधिक सार्थक होता है। यह मंच किसानों के मोबाइल फोन तक समय पर वैज्ञानिक जानकारी और सहायता पहुंचाकर उनकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत करेगा।

पांच गांवों की पंचायतें सम्मानित
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए फतेहगढ़ साहिब जिले के पांच गांवों की पंचायतों को जिला स्तरीय किसान शिविर में सम्मानित किया गया। इनमें धीरपुर, वजीदपुर, बडला, रुड़की और बरोंगा जेर गांव शामिल हैं। इन पंचायतों के प्रयासों की सराहना की गई।

सांझा मित्र की यह टेलीफोन सेवा पहले से उपलब्ध व्हाट्सऐप आधारित डिजिटल सहायक की पूरक होगी। इस डिजिटल सहायक को क्लीन एयर पंजाब और एग्री2पावर ने 2,000 से अधिक किसानों के साथ परामर्श के बाद विकसित किया था। इसका उद्देश्य किसानों तक समय पर सही जानकारी और जरूरी सहायता पहुंचाना है, ताकि वे पराली जलाने के बजाय फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैकल्पिक तरीके अपना सकें।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0