शिक्षक घर जाकर पढ़ा रहे छात्राओं को, 10वीं-12वीं में शत-प्रतिशत रिजल्ट के लिए अनोखी पहल

Jan 28, 2026 - 09:44
 0  7
शिक्षक घर जाकर पढ़ा रहे छात्राओं को, 10वीं-12वीं में शत-प्रतिशत रिजल्ट के लिए अनोखी पहल

 ग्वालियर
माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा को लेकर जहां शिक्षा विभाग स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और छुट्टी वाले दिन भी पढ़ाई करवा रहा है, वहीं सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय के शिक्षकों ने छात्राओं की तैयारी के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। स्कूल के शिक्षक अब छात्राओं के घर तक पहुंचकर उन्हें पढ़ा रहे हैं, ताकि कमजोर छात्राएं भी अच्छे अंक ला सकें और स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत बना रहे।

यह पहल खास तौर पर उन छात्राओं के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने त्रैमासिक और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया या जो किसी कारणवश नियमित कक्षाओं से नहीं जुड़ पा रही थीं। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मिलकर ऐसी छात्राओं की सूची तैयार की और फिर उनके क्षेत्रों में जाकर सामूहिक पढ़ाई का प्रयोग शुरू किया। शिक्षक ऐसे इलाकों का चयन कर रहे हैं, जहां आसपास कई छात्राएं रहती हों, ताकि एक साथ अधिक छात्राओं को लाभ मिल सके।

शिक्षक पहुंचे छात्राओं के घर

विद्यालय के विज्ञान शिक्षक पवन चौरसिया, चंद्रभान तमोली, एनडी दीक्षित सहित अन्य शिक्षक अपने-अपने विषयों के अनुसार छात्राओं को उनके घर जाकर पढ़ा रहे हैं। तय समय पर शिक्षक छात्राओं के घर पहुंचते हैं और पाठ्यक्रम की दोहराई, प्रश्न-उत्तर अभ्यास और शंकाओं का समाधान करते हैं। इससे छात्राओं को न केवल विषयों की बेहतर समझ मिल रही है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।
घर पर पढ़ाने की वजह

शिक्षकों का कहना है कि कई छात्राएं घरेलू जिम्मेदारियों, दूरी या अन्य व्यक्तिगत कारणों से स्कूल नियमित नहीं आ पातीं। ऐसे में घर जाकर पढ़ाने से उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनी रहती है। खास बात यह है कि सांदीपनि स्कूलों में सामान्यतः तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाता है, जिससे शिक्षकों को घर-घर पहुंचने में ज्यादा कठिनाई नहीं हो रही है।

मुख्य विषयों पर विशेष फोकस

इस पहल के तहत गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे मुख्य विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक सरल उदाहरणों और आसान भाषा में पाठ समझा रहे हैं, ताकि छात्राएं विषय को जल्दी और बेहतर तरीके से समझ सकें। कई अभिभावकों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा है कि इससे उनकी बेटियों की पढ़ाई को नई दिशा मिली है।

घर पर जाकर कराएंगे परीक्षा की तैयारी

रवींद्र शर्मा, प्राचार्य, सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय ने कहा कि कई छात्राओं को स्कूल की अतिरिक्त कक्षाओं में आने में परेशानी थी, इसलिए स्कूल के शिक्षकों ने तय किया कि वे उनके घर पर जाकर उन्हें पढ़ाएंगे और परीक्षा की तैयारी कराएंगे।

अधिकारी की प्रतिक्रिया

हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे शहर के अन्य स्कूलों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय की यह पहल उन छात्राओं के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जो किसी न किसी वजह से पढ़ाई की मुख्यधारा से पीछे छूट रही थीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0