संभावनाओं से भरा 2026: पूरे साल में 4 ग्रहण, भारत में सिर्फ एक का सूतक काल मान्य

Jan 2, 2026 - 16:44
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संभावनाओं से भरा 2026: पूरे साल में 4 ग्रहण, भारत में सिर्फ एक का सूतक काल मान्य

नई दिल्ली
साल 2026 शुरू हो चुका है और इस साल खगोलशास्त्र के शौकीनों के लिए कुछ खास लेकर आया है। इस साल कुल चार ग्रहण होंगे, दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण, लेकिन ये चारों ग्रहण भारत में समान रूप से दिखाई नहीं देंगे। भारत में सिर्फ एक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। बाकी के तीन ग्रहण या तो हमारे देश से दिखाई नहीं देंगे या फिर इनका असर इतना कम होगा कि इसे देख पाना मुश्किल होगा। साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह एक सूर्य ग्रहण है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा और यह लगभग 2 मिनट 20 सेकेंड तक रहेगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखेगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा।

इसके बाद 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा और यह भारत में पूरी तरह दिखाई देगा। यही वह ग्रहण है जिसे हम सीधे देख पाएंगे। यह चंद्र ग्रहण लगभग 58 मिनट तक रहेगा और इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। इसे लोग ब्लड मून भी कहते हैं। खगोलशास्त्र के हिसाब से यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा, यानी धार्मिक और पारंपरिक हिसाब से इसका महत्व भी रहेगा।

तीसरा ग्रहण 29 जुलाई को लगेगा। यह भी सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन अफसोस की बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे देखने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में रहना पड़ेगा। चूंकि भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा। साल का चौथा और आखिरी ग्रहण 28 अगस्त को होगा। यह दूसरा चंद्र ग्रहण है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका भी सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। कुल मिलाकर साल 2026 में चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण ही दिखाई देगा।

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