कटिहार में 300 दुकानें जलकर खाक, दुकानदारों ने कर्ज लेकर भरा था लगन का सामान

Feb 17, 2026 - 09:14
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कटिहार में 300 दुकानें जलकर खाक, दुकानदारों ने कर्ज लेकर भरा था लगन का सामान

कटिहार.

बिहार के कटिहार में रविवार शाम कुरसेला हाट में अचानक लगी भीषण आग से 300 से अधिक दुकानें जलकर स्वाहा हो गईं। इस हादसे में करीब 6 से 7 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। इतने बड़े नुकसान के बाद स्थानीय दुकानदारों पर गहरा संकट मंडराने लगा है। कई दुकानदार ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर या बंधन बैंक समेत अन्य संस्थानों से लोन लेकर अपनी छोटी-छोटी दुकानें शुरू की थीं।

वे रोज की कमाई से परिवार का खर्च चलाने के साथ हर सप्ताह किस्त जमा करते थे। अब दुकानें जल जाने के बाद आय का एकमात्र साधन खत्म हो गया है। ऐसे में साप्ताहिक लोन की किस्त चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़ित दुकानदार प्रशासन से जल्द मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे है। ताकि वे दोबारा अपना रोजगार शुरू कर सकें।

हर तरफ बर्बादी के निशां
कुरसेला का नया हाट, चारों तरफ राख व गिरे पड़े मलबे, कहीं-कहीं राख से उठता धुआं और मायूस चेहरे के साथ ताकते लोग, अगलगी के बाद सोमवार को हर तरफ बर्बादी ही बर्बादी के निशा दिख रहे थे। कोई रो रहा था तो माथा पीट रहा था। कोई सिर झटक अपने आप को दिलासा देने की कोशिश कर रहा तो किसी के जुबान पर ताले पड़े थे। जुबान बंद पर आंखें आंसूओं से भरे थे। यह तस्वीर कुरसेला के हाट में आम था। कुरसेला प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत शहर के बीचो-बीच हृदयस्थली में बसा हुआ दुर्गा हाट आग से पूरी तरीके से जमींदोज हो चुका है।
अलग-अलग दुकान संचालित करने वाले दुकानदार किसी तरह आग के मलबों पर बैठकर अपने अरमानों को जलता हुआ देख रहे थे।

लगन की खुशी मातम में बदली
दुकानदार राजू भगत, मुन्ना गुप्ता, टिंकू साह, सनी जयसवाल, कुंदन शर्मा आदि ने बताया कि उनके आजीविका का एकमात्र साधन दुकान था। जिससे विगत कई वर्षों से उनका जीवन-यापन होता आया था। अब ना तो जीने का सहारा बचा है और ना ही आजीविका का साधन। निराश, हताश, मासूम चेहरे धुएं के गुबार के बीच अपने अरमानों को भी जलता हुआ देख अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। सोनू, अशोक साह, सुबोध कुमार साह, रंजीत चौधरी आदि ने बताया कि लगन शुरु होने वाला है। इसलिए कर्ज पर पैसा उठाकर दुकानों में सामान भरे थे। अब सब कुछ जलकर राख हो गया। नहीं पता कैसे कर्ज उतरेगा और कैसे परिवार जिएगा। आग से साथ सारी योजनाएं जल गई। बताया जाता है कि यह हाट लगभग 20 किलोमीटर की परिधि के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रमुख बाजार केंद्र है।

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