षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार

Jan 15, 2026 - 08:14
 0  6
षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार

षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार

14 जनवरी के स्नान पर्व में 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान - ऋषिराज, माघ मेला अधिकारी

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी, निगरानी के लिए पहली बार तीन कंट्रोल सेंटर

रोडवेज की तरफ से 1800 बसों का संचालन, एक्शन में क्यूआरटी टीमें

मेला प्रशासन के साथ रेलवे का समन्वय, आवागमन के लिए रेलवे की 8 रिंग रेल सेवा व 16 ट्रेनों के ठहराव का विस्तार, 1.20 लाख क्षमता के 18 यात्री आश्रय स्थल तैयार

प्रयागराज
 प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा बड़ा स्नान पर्व 'मकर संक्रांति' माघ मेला प्रशासन की दृष्टि में भले ही 15  जनवरी को है, लेकिन 14 जनवरी को संगम के विभिन्न घाटों में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। बुधवार को षटतिला एकादशी और अपराह्न बाद मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त शुरू हो जाने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही घाटों पर पहुंचने लगे। मेला अधिकारी ऋषिराज के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक ही श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख पहुंच गई। परंपरागत रूप में 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मानकर पुण्य की डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा बुधवार शाम तक ही 85 लाख को पार कर चुका था।

व्यवस्था और जनसुविधाओं का किया गया विस्तार
माघ मेला क्षेत्र में आ रही श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते पहले से सजग मेला प्रशासन ने भी अपनी जन सुविधाओं का विस्तार कर दिया है। मेला अधिकारी प्रयागराज के मुताबिक, श्रद्धालुओं के लिए 24 स्नान घाटों का निर्माण किया गया है। घाटों की लंबाई  बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। महाकुंभ में घाटों के किनारे ड्रेजिंग से भी एरिया में बढ़ोतरी हुई है। घाटों के किनारे महिलाओं के लिए 1200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। पहली बार पक्के घाटों के पास कैनोपी आकार के अस्थायी फोल्ड करने वाले चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की नियमित रूप से निगरानी के लिए तीन कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। इनमें एक आई ट्रिपल सी में, दूसरा पुलिस लाइन में और तीसरा जिला कलेक्ट्रेट में है। 

सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए एक्शन मोड में रोडवेज और रेलवे
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रोडवेज और रेलवे दोनों मेला प्रशासन के साथ रणनीति बनाकर कार्य कर रहे हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि रोडवेज की 1800 बसें इसके लिए तैयार हैं। रोडवेज की क्यूआरटी टीमें भी हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। 
रेलवे की तरफ से रिंग रेल सेवा के अंतर्गत 8 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो पूरी मेला अवधि तक होगा। श्रद्धालु यात्रियों की अतिरिक्त सुविधा के लिए 16 ट्रेनों का 02 मिनट का अतिरिक्त अस्थायी ठहराव प्रयागराज रामबाग एवं झूसी स्टेशनों पर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन में एंट्री पॉइंट्स में एकल व्यवस्था रखी गई है। जंक्शन रेलवे स्टेशन में 18 यात्री आश्रय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1.20 लाख यात्रियों की है। रेलवे स्टेशन परिसर में 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0