3 अक्टूबर से शुरू होंगे भावांतर योजना के पंजीयन, सीएम मोहन यादव ने उज्जैन से किया ऐलान

Oct 1, 2025 - 09:44
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3 अक्टूबर से शुरू होंगे भावांतर योजना के पंजीयन, सीएम मोहन यादव ने उज्जैन से किया ऐलान

उज्जैन 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के मार्कंडेय मंदिर में दर्शन, पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों के लिए घोषणा करते हुए बताया कि भावांतर योजना के तहत पंजीयन की तारीख 10 अक्टूबर से घटाकर 3 अक्टूबर कर दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय किया है। जानकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर 2025 से किसानों का पंजीयन शुरू होगा, जो 24 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और उन्हें बाजार की अस्थिरता से राहत मिलेगी। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं। भावांतर योजना को लेकर किसान संगठनों ने भी संतोष जताया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में अलग-अलग गरबा पंडालों और माता मंदिरों में पूजा-अर्चना की और रात में वहीं विश्राम किया। बुधवार सुबह वे फिर से माता मंदिरों के दर्शन के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, हमें गर्व है कि हम भी संघ से जुड़े रहे हैं।

गुवाहाटी में निवेशकों से करेंगे मुलाकात

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में निवेशकों से मुलाकात होगी। वहीं, किसानों के संबंध में उन्होंने कहा, मुझे बताया गया कि फसल तैयार है, इसलिए भावांतर योजना के पंजीयन की तारीख आगे बढ़ाने के बजाय अब 3 अक्टूबर से ही शुरू कर रहे हैं। किसान 24 अक्टूबर से माल मंडियों में फसल विक्रय कर सकेंगे।

सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है, और यदि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी भाव में अंतर आता है तो वह अंतर सरकार किसानों को देगी।

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