भाजपा विधायक संजय पाठक ने किया बड़ा ऐलान, '51% से कम अंक मिले तो MLA पद छोड़ दूंगा

Apr 6, 2026 - 15:44
 0  8
भाजपा विधायक संजय पाठक ने किया बड़ा ऐलान, '51% से कम अंक मिले तो MLA पद छोड़ दूंगा

 जबलपुर
कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक एक बार फिर अपने अनोखे ऐलान को लेकर चर्चा में हैं। ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर उन्होंने ‘मध्यावधि जनादेश’ लेने की घोषणा की है। उन्होंने साफ कहा कि यदि इस जनमत परीक्षण में उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिला, तो वे उसी दिन इस्तीफा देकर राजनीति से अलग हो जाएंगे।

मई-जून में हो सकता है ‘जनमत परीक्षण’
यह पहली बार नहीं है जब विधायक पाठक ने इस तरह की पहल की है। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने इसी तरह जनादेश कराया था और 51 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिलने के बाद ही चुनाव मैदान में उतरे थे। अब एक बार फिर मई-जून में इसी तर्ज पर जनमत परीक्षण कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।

मंच से ऐलान, वीडियो वायरल
विधायक ने यह घोषणा कैमोर में आयोजित हनुमान प्राकट्य उत्सव के दौरान मंच से की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इन वजहों से भी सुर्खियों में विधायक
बता दें कि विधायक संजय पाठक पूर्व में भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं, आदिवासियों की जमीन के घोटाले, सहारा की जमीनों की खरीदी, खनन मामले में 443 करोड़ का जुर्माना के साथ न्यायाधीश से फोन पर चर्चा को लेकर पिछले कई दिनों से वे सुर्खियों में हैं। ऐसे में उनका यह नया ‘जनादेश चैलेंज’ राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे रहा है।

पाठक बोले- मई-जून में मैं घर-घर जाकर पूछूंगा
पाठक ने कहा, हम इसके लिए जल्द ही नया तरीका निकालेंगे। संभवतः मई-जून में मैं घर-घर जाकर पूछूंगा कि मुझे विधायक बने रहना चाहिए या पद छोड़ देना चाहिए। अगर जनता ने 51 प्रतिशत से कम अंक दिए, तो मैं उसी दिन घर बैठ जाऊंगा।

पिछले चुनाव से पहले भी करा चुके हैं जनादेश
यह पहली बार नहीं है जब संजय पाठक इस तरह का प्रयोग कर रहे हैं। इससे पहले, 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जून महीने में भी उन्होंने ऐसा ही 'जनादेश' कराया था। उस समय इस निजी चुनाव को बाकायदा चुनाव आयोग की तर्ज पर सैकड़ों कर्मचारियों की मदद से कराया गया था।

पारिवारिक फर्मों के अवैध खनन पर घिरे
भाजपा विधायक संजय पाठक इन दिनों गलत वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। उनसे जुड़ीं पारिवारिक फर्मों पर अनुमति से अधिक खनन के आरोप हैं, कई मामले तो कोर्ट में चल रहे हैं। प्रशासन ने विधायक संजय पाठक से जुड़ी फर्मों पर 443 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। हाल ही में वे तब और विवादों में आ गए जब इसी मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट जज से उन्होंने सीधा संपर्क किया। इसके बाद संबंधित जज ने मामले से दूरी कर ली। इधर हाईकोर्ट ने इस मामले में विधायक संजय पाठक पर आपराधिक अवमानना चलाने के आदेश दिए हैं।

करीब 215 लोगों को इस काम में लगाया गया था
मतगणना के लिए 66 टेबल लगाई गई थीं और करीब 215 लोगों को इस काम में लगाया गया था। कुल 290 मतपेटियों की गिनती हुई थी। विजयराघवगढ़ क्षेत्र के कुल 2.33 लाख मतदाताओं में से 1 लाख 37 हजार 55 लोगों ने वोट डाले थे।

इसमें 1,03203(75 फीसदी से ज्यादा) लोगों ने उनके चुनाव लड़ने के पक्ष में यानी 'हां' में वोट दिया था, जबकि 30082 लोगों ने 'ना' पर मुहर लगाई थी। इस जनादेश में मिली हरी झंडी के बाद ही वे 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में उतरे थे।

संजय पाठक का नाम लगातार विवादों से जुड़ा रहा है
यह कवायद ऐसे समय हो रही है जब संजय पाठक का नाम लगातार विवादों से जुड़ रहा है और वे कानूनी मुश्किलों से घिरे नजर आ रहे हैं। उनके खिलाफ कई बड़े मामले चल रहे हैं, जो राजनीतिक भविष्य के लिए चुनौती हैं।

उन पर सहारा जमीन घोटाला और एक्सिस माइनिंग के गंभीर आरोप हैं। 443 करोड़ रुपए के जुर्माने का सरकारी शिकंजा है। हाईकोर्ट के जज को कथित फोन मामले में आपराधिक अवमानना का आदेश भी है।

दरअसल, गुरुवार (2 अप्रैल) को पाठक के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा कि आपके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।

2025 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जांच आगे नहीं बढ़ी
कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने जून 2025 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा कि पाठक परिवार की कंपनियों के अवैध खनन की शिकायतें ईओडब्ल्यू में की थीं। 6 महीने बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी।

केस में पाठक परिवार की कंपनियों ने इंटर विन एप्लीकेशन लगाई। इस बीच खनिज विभाग के प्रमुख सचिव ने इनके खिलाफ 443 करोड़ का जुर्माना लगाया।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0