CDS जनरल अनिल चौहान का सख्त संदेश: 'अब युद्ध की परिभाषा बदल गई, भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा'

Oct 14, 2025 - 14:44
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CDS जनरल अनिल चौहान का सख्त संदेश: 'अब युद्ध की परिभाषा बदल गई, भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा'

ग्वालियर 

ग्वालियर पहुंचे देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि अब युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है। अब भारत आतंक को कभी स्वीकार नहीं करेगा। पहले जीत का आधार यह होता था कि कितने सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया या कितने विमान गिराए गए, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने इन परंपरागत मानकों को गलत साबित किया है। आधुनिक युद्ध में जीत का नया आधार है स्थिरता और गति, एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की क्षमता, सभी ऑपरेशनों के संयोजन का प्रदर्शन, शुद्धता, सही टाइमिंग और नुकसान का सटीक मूल्यांकन।

जनरल अनिल चौहान ग्वालियर के द सिंधिया स्कूल के 128वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान सीडीएस चौहान ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि युद्ध किसी देश की नीति की निरंतरता है। सरकार नीति बनाती है और सेना उसका अमल करती है। यही सच्चे नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह अमृतकाल देश की किस्मत बदलने का समय है, और हर छात्र को अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर देश निर्माण में योगदान देना चाहिए। इसके साथ ही, अपने संबोधन में जनरल चौहान ने लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा का एक उद्धरण साझा करते हुए राजनेता, नौकरशाह और सैनिकों के सोचने के तरीके को बेहद रोचक ढंग से समझाया।

जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है- सीडीएस
उन्होंने कहा, जब कोई राजनीतिज्ञ ‘हां’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘न’ होता है, और यदि ‘न’ कहे तो वह अच्छा राजनीतिज्ञ नहीं है। जब कोई नौकरशाह ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘हां’ होता है, और यदि वह शुरुआत में ही ‘हां’ कह दे तो वह नौकरशाह ही नहीं। लेकिन जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है, और जब वह ‘हां’ कहता है तो वह हर हाल में ‘हां’ पर कायम रहता है। अगर सैनिक ‘शायद’ कहे, तो वह सैनिक नहीं। उन्होंने कहा कि सेना की यही स्पष्टता और प्रतिबद्धता राष्ट्र की असली ताकत है।

'मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने सेना का आधुनिकीकरण किया'
वहीं, इस साल के माधव पुरस्कार विजेता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री को दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारे बीच सेना प्रमुख हैं, तो बताना चाहूंगा कि मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने भारत की सेना का आधुनिकीकरण किया। हजारों सैनिकों को नवीनतम स्तर का प्रशिक्षण दिया और उस सेना को सबसे आधुनिक तोपखाने और हथियारों से सुसज्जित किया। हमारी सेना ने अफगान अहमद शाह अब्दाली को अफगानिस्तान में उसके घर में वापस धकेल दिया। 1771 में दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराकर छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदू स्वराज के सपने को साकार किया और 1779 में महाराष्ट्र के वारगांव के युद्ध में निर्णायक जीत के साथ पहले आंग्ल-मराठा युद्ध में अंग्रेजों को धूल चटा द

 

 

 

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