बैठक में CEC और डेरेक ओ'ब्रायन में नोकझोंक, ज्ञानेश पर चिल्लाए ओ'ब्रायन

Apr 8, 2026 - 10:44
 0  8
बैठक में CEC और डेरेक ओ'ब्रायन में नोकझोंक, ज्ञानेश पर चिल्लाए ओ'ब्रायन

नई दिल्ली
टीएमसी और चुनाव आयोग में तलवार खिंच गई है. टीएमसी और चुनाव आयोग की बैठक में बड़ा बवाल हुआ है. टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भिड़ गए. इतना ही नहीं, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन मीटिंग में ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चिल्लाए और बोलने से रोक दिया. वहीं, टीएमसी का दावा है कि उनकी टीम को मुख्य चुनाव आयुक्त ने निकल जाने को कहा. उन्होंने टीएमसी को गेट लॉस्ट कहा. दरअसल, टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज यानी बुधवार को निर्वाचन आयोग से मिला. यह मीटिंग पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण लोगों के ‘मतदान के अधिकार से वंचित होने का मुद्दा पर थी। 

तय समय के अनुसार टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था. इसका जवाब मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे आया. चुनाव आयोग के साथ टीएमसी की यह मीटिंग केवल 7 मिनट ही चल पाई. 7 मिनट की इस बैठक में ही बवाल हो गया. बैठक के दौरान टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस का ज़िक्र किया. इसके बाद बैठक का माहौल जल्दी ही गरम हो गया। 

ज्ञानेश कुमार पर चिल्लाए डेरेक ओब्रायन
सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन ज्ञानेश कुमार पर चिल्ला उठे थे.और कहा कि आप बोलना बंद करें. इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने से भी रोक दिया. इसके बाद  CEC ज्ञानेश कुमार ने टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन से आयोग कक्ष की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि चिल्लाना और अभद्र व्यवहार उचित नहीं है। 

टीएमसी का दावा- हमें निकल जाने को कहा
हालांकि, टीएमसी का कहना है कि चुनाव आयोग का दावा झूठा है. टीएमसी ने दावा किया कि हमें मीटिंग से भगा दिया गया. डेरेक ओब्रायन ने कहा कि हम बैठक में गए और हमें चीफ इलेक्शन अफसर ने कहा निकल जाओ यहां से. GET LOST… तो हमलोग निकल आए. चुनाव आयोग से बैठक के बाद टीएमसी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला. इतना ही नहीं, टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भी एक्स पर पोस्ट कर ऐसा ही बयान दिया है। 

डेरेक ने ज्ञानेश कुमार को बताया चोर
टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपराधी और चोर बताया. डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोट चोरी करने की कोशिश कर रहा है. टीएमसी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए बंगाल में लाखों नाम काटे जा रहे हैं. इससे गरीब, अल्पसंख्यक और बंगाली वोटर प्रभावित हो रहे हैं। 

ECI ने टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर चुनाव आयोग के सूत्रों ने अलग कहानी पेश की है. सूत्रों का दावा है कि डेरेक ओ'ब्रायन ने आयोग पर चिल्लाते हुए सीईसी को चुप रहने को कहा. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वो वहां उनकी बात सुनने नहीं आए हैं। 

आयोग के मुताबिक, टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने धमकी दी और बैठक से बाहर निकल गए. आयोग ने इसे 'ईसी की टीएमसी से सीधी बात' के रूप में व्हाट्सएप के माध्यम से प्लांट करने की कोशिश बताया है। 

इंडिया ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस
उधर, टीएमसी ने अब इस विवाद को बड़े राजनीतिक स्तर पर ले जाने का फैसला किया है. देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते, टीएमसी और 'INDIA' ब्लॉक के नेता आज शाम कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया पर चर्चा के लिए शाम 4.45 बजे का वक्त तय किया गया है. दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट अब चरम पर पहुंच गई है। 

पहले भी सीईसी को घेर चुके टीएमसी नेता
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए ओ’ब्रायन ने कहा था, ‘बहुत हो गया आपका अहंकार. कल हमारी बात सुनिये. हम यहां सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के बारे में बोलने नहीं आए हैं, हम यहां इसलिए हैं ताकि आप उन लोगों की आवाज सुनिये जिन्हें आपने मताधिकार से वंचित किया है या जिन्हें आप मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहे हैं। 

किस बात पर हुई मीटिंग
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद मतदाता सूची से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के अंतिम मतदाता आधार की घोषणा अभी बाकी है. हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर के अंत में 7.66 करोड़ मतदाताओं के आधार पर, राज्य में इस समय कुल हटाए गए मतदाताओं का प्रतिशत 11.85 प्रतिशत से अधिक है. एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत से अब तक कुल हटाए गए नामों की अंतिम संख्या 90.83 लाख से थोड़ा अधिक रही। 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0