जर्जर स्कूल भवनों पर छत्तीसगढ़ HC सख्त, कहा- बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

Aug 14, 2025 - 14:44
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जर्जर स्कूल भवनों पर छत्तीसगढ़ HC सख्त, कहा- बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं


बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुंगेली जिले की एक स्कूल की जर्जर छत गिरने व दो बच्चों के घायल होने वाली घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने शिक्षा सचिव से पूरे राज्य के स्कूल भवनों की स्थिति की रिपोर्ट 26 अगस्त तक तलब की है। स्कूल की छत गिरने वाली इस घटना को नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।

न्यायाधीश की बेंच ने कहा कि, बच्चों को खतरे में डालना और जर्जर भवनों में पढ़ाना अस्वीकार्य है। राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने आदेश दिया कि, मुंगेली और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी इन दोनों घटनाओं पर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करें। शिक्षा सचिव राज्य के सभी स्कूल भवनों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दें कि, कौन से भवन सुरक्षित हैं और किन्हें खतरनाक घोषित कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त 2025 को होगी।

बच्चों से करवाया खतरनाक काम, कोर्ट ने लिया संज्ञान
तखतपुर विकासखंड के चनाडोंगरी हाई स्कूल में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने खराब ट्रांसफार्मर बदलने के दौरान रस्सी खींचने का काम स्कूली बच्चों से करवाया। घटना लंच ब्रेक के समय हुई, जब बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान प्राचार्य बैठक में थे। जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने इस कृत्य को पूरी तरह अनुचित बताते हुए स्कूल प्रबंधन समिति को चेतावनी दी। इस घटना को भी गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।

यह है पूरा मामला
मुंगेली के सरकारी प्राथमिक स्कूल बरदुली में 9 अगस्त को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कक्षा तीसरी में पढ़ने वाले हिमांशु दिवाकर और अंशिका दिवाकर पर अचानक छत का प्लास्टर गिर पड़ा, जिससे उनके सिर और हाथ में चोट आई। सूचना मिलते ही कलेक्टर कुण्डन कुमार और सीईओ जिला पंचायत प्रभाकर पांडेय मौके पर पहुंचे। दोनों ने बच्चों का हालचाल जाना और बेहतर इलाज का निर्देश दिया।

जांच में सामने आया कि यह भवन जर्जर हालत में था, इसके बावजूद यहां कक्षाएं चल रही थीं। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सीके घृतलहरे, डीएमसी ओपी कौशिक, बीईओ जितेंद्र बाबरे, बीआरसीसी सूर्यकांत उपाध्याय, क्लस्टर कोआर्डिनेटर शत्रुशान साहू और प्रधान पाठक अखिलेश शर्मा को नोटिस जारी किया है।

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