MP में शिक्षकों के तबादलों में ई-अटेंडेंस बनी बाधा, 90% स्कूलों के पद पोर्टल पर ‘रिजर्व’

Jun 21, 2026 - 13:44
 0  8
MP में शिक्षकों के तबादलों में ई-अटेंडेंस बनी बाधा, 90% स्कूलों के पद पोर्टल पर ‘रिजर्व’

भोपाल.

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू किए जाने से पहले ही शिक्षकों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को स्थानांतरण पोर्टल पर रिजर्व दर्शाए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

वहीं पोर्टल पर आवेदन की तैयारी कर रहे अनेक शिक्षकों को 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता भी बड़ी बाधा बन रही है। शिक्षकों का कहना है कि दो दिन पहले तक पोर्टल पर जो पद रिक्त दिखाई दे रहे थे, वे अब उपलब्ध सूची से गायब हो गए हैं। इससे उन्हें वास्तविक रिक्त पदों की जानकारी नहीं मिल पा रही है और वे अपनी पसंद के स्थानों के लिए आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। कई शिक्षकों को पोर्टल पर यह संदेश भी मिल रहा है कि उनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण वे आवेदन के पात्र नहीं हैं।

पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
शिक्षक संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि जब तक स्थानांतरण आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती और सभी पात्र शिक्षकों को विकल्प चयन का अवसर नहीं मिल जाता, तब तक रिक्त पदों को रिजर्व या भरा हुआ दर्शाना उचित नहीं है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में रिक्त पदों को रिजर्व दिखाए जाने से ऐसे शिक्षक प्रभावित होंगे जो वर्षों से पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य आवश्यक कारणों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे उन्हें अपनी पसंद के स्थानों का चयन करने का अवसर नहीं मिल पाएगा।

नियमों में संशोधन की मांग
शिक्षक संगठनों ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण पोर्टल पर सभी वास्तविक रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाए तथा आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पद को अनावश्यक रूप से रिजर्व न रखा जाए। साथ ही, स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में संशोधन करते हुए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त समाप्त करने और जनगणना ड्यूटी में संलग्न शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए पात्र घोषित करने की मांग की गई है।

ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो
90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो, साथ ही जनगणना वाले शिक्षकों को भी मौका दिया जाए। यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे।
- उपेन्द्र कौशल,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष,शासकीय शिक्षक संगठन।

जनगणना कार्य के बाद कार्यमुक्त
जनगणना कार्य करने वाले शिक्षकों को स्थानांतरण से वंचित करना उनके साथ अन्याय है। यदि शासन को जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका हो, तो स्थानांतरण आदेश में यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि संबंधित शिक्षक को जनगणना कार्य पूर्ण होने के बाद ही कार्यमुक्त किया जाए। नीति में संशोधन किया जाए।
- जगदीश यादव, प्रांताध्यक्ष,राज्य शिक्षक संघ।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0