दिल्ली बिजली बिल पर PPAC बढ़ोतरी का असर, सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं को राहत का दावा

Jun 14, 2026 - 16:44
 0  8
दिल्ली बिजली बिल पर PPAC बढ़ोतरी का असर, सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं को राहत का दावा

नई दिल्ली
बिजली के बिलों में पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) की बढ़ोतरी के फैसले पर सरकार ने दावा किया है कि बिजली सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों के बावजूद दिल्ली सरकार ने राजधानी के बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है। बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर PPAC में हुई बढ़ोतरी का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

आशीष सूद ने साफ किया कि PPAC कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि बिजली कानूनों के तहत पहले से लागू एक नियामक प्रावधान है। इसके जरिए विजली वितरण कंपनियां ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत का एडजस्टमेंट करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों से पिछले एक महीने में बिजली खरीद की लागत में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उपभोक्ताओं पर इसका असर सिमित
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इतनी बड़ी लागत वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार के प्रयासों से उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रखा गया है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने औसतन केवल 2.4 प्रतिशत PPAC बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि पहले PPAC की सीमा 31 मार्च तक 14.5 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि DERC के आदेश में बिजली वितरण कंपनियों को लागत की वसूली चरणबद्ध तरीके से करने का प्रावधान किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव न्यूनतम रहे।

सूद ने कहा कि यह कदम बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे है, जबकि सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सूद ने बताया कि पहले PPAC की सीमा 31 मार्च तक 14.5 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत किया गया है

दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों की मुश्किलें बढ़ीं
PPAC में बढ़ोतरी को लेकर दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों की टेशन बढ़ गई है। व्यापारी संगठन सीटीआई बृजेश गोयल ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है। दावा है कि इस बढ़ोतरी से हरियाणा और यूपी के अपेक्षा दिल्ली में कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

बिजली की नई दरें 10 जून से लागू हो चुकी है, जिसका असर जुलाई में आने वाले बिजली बिलो में दिखाई देगा बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली में कमर्शल और इंडस्ट्रीज के लिए बिजली की दरे पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा है।

इंडस्ट्रीज हरियाणा और उत्तर प्रदेश शिफ्ट हो सकती हैं
बिजली की दरे और बढ़ने से दिल्ली की इंडस्ट्रीज पड़ोसी राज्यो हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो सकती है क्योंकि वहां बिजली की दरें और न्यूनतम मजदूरी दिल्ली की तुलना में सस्ती होने से लागत कम पड़ेगी। बृजेश गोयल ने कहा कि रेजिडेशल बिजली दरो में सब्सिडी मिलती है, लेकिन कमर्शल और इंडस्ट्रीज में सब्सिडी नहीं मिलने से यहां बिजली की दरे हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा हो जाएंगी। जिससे व्यापारियों और फैक्ट्री मालिको पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और वस्तुओ के दाम बढ़ने की संभावना बढ़ेगी। अगर यही स्थिति रही तो कारोबारी अपना कारोबार हरियाणा या यूपी में शिफ्ट करने को मजबूर होगे।

सबसे ज्यादा बोझ बीएसईएस उपभोक्ताओं पर
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए PPAC दरों में संशोधन के बाद 2 किलोवॉट स्वीकृत लोड वाले उपभोक्ताओं के मासिक बिल में वितरण कंपनियों के अनुसार अलग अलग बढ़ोतरी होगी। बृजेश गोयल ने कहा कि DERC के आदेश में बिजली कंपनियो को लागत की वसूली चरणबद्ध तरीके से करने का प्रावधान किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव न्यूनतम रहे।

जानिए किसे कितना चुकाना होगा बिल
बीआरपीएल का PPAC 14.5% से बढ़कर 17.9% हो गया है। इसके चलते 200 यूनिट का बिल 866 रुपये से बढ़कर 889 रुपये यानी 23 रुपये अधिक होगा, लेकिन सब्सिडी के चलते बिल जीरो आएगा। 400 यूनिट का बिल 2,086 रुपये से बढ़कर 2.142 रुपये यानी 56 रुपये अधिक होगा। 600 यूनिट का बिल 3,850 रुपये से बढ़कर 3,952 रुपये हो जाएगा, यानी 102 रुपये की बढ़ोतरी होगी।

BYPL में PPAC 11.7% से बढ़कर 17.4% कर दिया गया है, जो सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। 200 यूनिट का बिल 847 रुपये से बढ़कर 885 रुपये होगा, लेकिन बिल जीरो ही रहेगा। 400 यूनिट का बिल 2,041 रुपये से बढ़कर 2,133 रुपये यानी 92 रुपये अधिक होगा। 600 यूनिट का बिल 3,766 रुपये से बढ़कर 3,936 रुपये हो जाएगा, यानी 170 रुपये की बढ़ोतरी होगी।

वहीं, TPDDL में PPAC 15.9% से बढ़कर 16% हुआ है। इसके बावजूद 200. 400 और 600 यूनिट की खपत पर बिल क्रमशः 876 रुपये, 2,110 रुपये और 3,894 रुपये ही रहेगा। बढ़ोतरी नहीं होगी।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0