इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट: आदिवासी किसानों की 131 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित, मुआवजे में असमानता पर उठे सवाल

Dec 20, 2025 - 03:44
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इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट: आदिवासी किसानों की 131 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित, मुआवजे में असमानता पर उठे सवाल

इंदौर
 मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र तक प्रस्तावित इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन के लिए रेल मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। अगले 30 दिन में रेलवे लाइन के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। परियोजना में इंदौर जिले की तहसीलों के 19 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना में जहां महाराष्ट्र सरकार चार गुना मुआवजा दे रही है, वहीं प्रदेश सरकार आदिवासी किसानों को केवल दोगुना मुआवजा दे रही है, जो असमानता को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन इस परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बता रहा है। विभाग का दावा है कि इस लाइन के बनने से इंदौर-मुंबई की दूरी करीब 250 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं तमिलनाडु से दिल्ली की दूरी लगभग 680 किलोमीटर घटेगी। महू से जम्मू-कश्मीर तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने और गुजरात के यात्रियों को भी आवागमन में सुविधा बढ़ने का दावा किया जा रहा है।

महू क्षेत्र के 18 गांव होंगे प्रभावित

महू (डॉ. आंबेडकर नगर) से शुरू होकर महाराष्ट्र के मनमाड़ तक जाने वाली रेलवे लाइन में महू विधानसभा क्षेत्र के 18 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इन गांवों के करीब 243 आदिवासी किसानों की 131.49 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।

इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट की कवायद वर्षों से चल रही है। वर्ष 2023 में टोकन राशि के रूप में दो करोड़ रुपये मिले थे। मप्र के हिस्से में डीपीआर-सर्वे का काम किया गया। काम जारी रखने के लिए 2024 के बजट में एक हजार रुपये की टोकन राशि दी गई थी। अब इस परियोजना के लिए 18 हजार 36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

वर्तमान में इंदौर से देवास, उज्जैन, रतलाम, थांदला, दाहोद, गोधरा और वडोदरा होते हुए मुंबई जाना पड़ता है, जिसकी दूरी 828 किलोमीटर है। नई रेल लाइन बनने से 188 किलोमीटर की दूरी कम होगी और करीब पांच घंटे का समय बचेगा।

प्रदेश में 905 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण

रेलवे लाइन से सबसे ज्यादा फायदा मध्यप्रदेश को मिलेगा। कुल 309 किलोमीटर में से 170.56 किलोमीटर का हिस्सा मप्र में है। इसमें प्रदेश की कुल 905 हेक्टेयर निजी जमीन शामिल है। मप्र में बनने वाले 18 स्टेशनों में महू, कैलोद, कमदपुर, झाड़ी बरोदा, सराय तालाब, नीमगढ़, चिक्तायाबड़, ग्यासपुरखेड़ी, कोठड़ा, जरवाह, अजंटी, बघाड़ी, कुसमारी, जुलवानिया, सलीकलां, वनिहार, बवादड़ और मालवा स्टेशन शामिल हैं।

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