एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 15 अप्रैल से पहले आएगा, माध्यमिक शिक्षा मंडल की तैयारी अंतिम चरण में, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

Apr 4, 2026 - 03:44
 0  8
एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 15 अप्रैल से पहले आएगा, माध्यमिक शिक्षा मंडल की तैयारी अंतिम चरण में, 16 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

भोपाल 

मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है, जबकि संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच तय हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, ऐसे में समय पर परिणाम घोषित कर छात्रों को आगे की पढ़ाई में कोई देरी न हो, यह विभाग की प्राथमिकता है।

16 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल
इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

पूरे प्रदेश से बने 100 नकल प्रकरण
परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद मुरैना में सबसे ज्यादा 41 नकल के प्रकरण सामने आए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 मामले दर्ज किए गए। वहीं, पूरे प्रदेश से करीब 100 नकल प्रकरण बने थे।

अंतिम चरण में रिजल्ट की तैयारी
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है ताकि किसी भी तरह की गलती न रह जाए। उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को कोई परेशानी न हो। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

एक्सपर्ट की सलाह: तनाव से बचें छात्र
परीक्षा के दौरान छात्रों की सेहत को लेकर भी विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से बेहतर प्रदर्शन संभव है।

रिजल्ट का ट्रेंड: उतार-चढ़ाव का पैटर्न
    2017 में 10वीं का रिजल्ट 49.9% और 12वीं का 67.8% रहा।
    2018 में 10वीं 66.54% और 12वीं 68.08% पहुंचा।
    2019 में 12वीं का रिजल्ट 72.37% तक गया।
    2021 में कोरोना के कारण दोनों कक्षाओं का रिजल्ट 100% रहा।
    2023 में 12वीं का रिजल्ट गिरकर 55.28% पर आ गया।
    2025 में सुधार दिखा, जहां 10वीं में 76.22% और 12वीं में 74.28% छात्र पास हुए।

समय पर रिजल्ट, आगे की पढ़ाई में राहत
शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इस बार समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी के अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। यदि तय समयसीमा के भीतर परिणाम घोषित हो जाते हैं, तो यह छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बड़ी राहत होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0