जबलपुर-गोंदिया ब्रॉड गेज रेल प्रोजेक्ट ने बढ़ाई प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी, 285 किमी का प्रोजेक्ट वरदान साबित

Jan 16, 2026 - 05:14
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जबलपुर-गोंदिया ब्रॉड गेज रेल प्रोजेक्ट ने बढ़ाई प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी, 285 किमी का प्रोजेक्ट वरदान साबित

जबलपुर 
मध्यप्रदेश के लिए एक अहम रेल प्रोजेक्ट की घोषणा हुई। केंद्र सरकार ने छोटी लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने का ऐलान किया तो प्रदेशवासी खुश हो उठे। बड़ी लाइन से उनका आवागमन और आसान होनेवाला था। हालांकि उनकी खुशी तब निराशा में बदल गई जब ब्रॉड गेज के लिए करीब 13 साल में नाममात्र का काम हुआ। संयोगवश उसी समय प्रगति पोर्टल चालू हो गया जिससे रेलवे प्रोजेक्ट में आती सभी दिक्कतें दूर होती चली गईं। 2021 में ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट पूरा हो गया और इसे राष्ट्र को सम​र्पित कर दिया गया। 285 किमी लंबी यह रेल लाइन मानो वरदान बन गई। इससे प्रदेशवासियों की नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई से कनेक्टिविटी बढ़ गई।

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियां बताईं। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। इस मौके पर उन्होंने प्रगति पोर्टल की अहमियत भी प्रतिपादित की।

पोर्टल की वजह से अटके प्रोजेक्ट को रफ्तार

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इसके लिए रेलवे के जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट का जिक्र किया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने का श्रेय प्रगति पो​र्टल को ही दिया। सीएस अनुराग जैन ने स्पष्ट कहा कि पोर्टल की वजह से ही अटके पड़े प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल सकी थी। अन्यथा जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट 2028 या 2030 तक पूरा हो पाता।

सीएस अनुराग जैन ने बताया कि जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट पर सन 2003 में काम शुरु हुआ। इसमें कई व्यवधान आए और 2016 तक नाममात्र का ही काम हुआ। प्रगति पोर्टल आया तो जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज से संबंधित सभी समस्याएं तुरंत हल की जाने लगीं। इसके परिणामस्वरूप रेल लाइन के काम में तेजी आई और 2021 में इसका शुभारंभ कर दिया गया। सीएस ने कहा कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के कामों को किस तरह गति मिली, इस उदाहरण से समझा जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे की 285 किमी लंबी इस रेल लाइन से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिलों की नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी भी बढ़ गई है। अब जबलपुर से गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध हैं।

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