RSS द्वारा मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी का खर्च, हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका; जज ने क्या कहा?

Apr 21, 2026 - 15:44
 0  9
RSS द्वारा मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी का खर्च, हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका; जज ने क्या कहा?

नागपुर 

RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को मिली Z प्लस सुरक्षा को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि सुरक्षा पर हो रहे खर्च का भुगतान संघ की तरफ से ही किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं।

40 से 45 लाख रुपये महीने का खर्च
उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि सुरक्षा कवर की लागत कथित तौर पर 40 लाख से 45 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और राज्य के खजाने का नुकसान है क्योंकि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है।

याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और जस्टिस अनिल किलोर की पीठ ने याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता के मकसद और इरादे पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।

याचिका में क्या
नागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा अपने वकील अश्विन इंगोले के माध्यम से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग ऐसे व्यक्ति को 'जेड-प्लस' श्रेणी की वीवीआईपी सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका संगठन 'पंजीकृत' नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तरफ से भागवत को दी गई उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए उनसे शुल्क की भरपाई का अनुरोध किया था।

मुकेश अंबानी केस का दिया हवाला
उन्होंने 2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित एक मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारत सरकार की नीति के अनुसार उन्हें 'जेड-प्लस' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा उठाया जाना था।

मोहन भागवत को कब मिली थी जेड प्लस सिक्योरिटी
जून 2015 में संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा को बढ़ाकर जेड प्लस श्रेणी का कर दिया गया था। इसके साथ ही उनके सुरक्षा घेरे को संभालने का जिम्मा CISF यानी सेंट्रल आर्म्ड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज के पास आ गया था। इससे पहले उनकी सुरक्षा में महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ियां तैनात थीं। खास बात है कि पहली बार साल 2012 में यूपीए सरकार के दौरान भागवत को जेड प्लस सिक्योरिटी देने के आदेश दिए गए थे। तब सुशील कुमार शिंदे देश के गृहमंत्री थे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0